एक हाथ में मोबाइल दूसरे में पिस्टल क्या सरेंडर के बाद मारी गई गोली? भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच अब रिटायर्ड जज के जिम्मे

Anshuman Parashar

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में सीएम सम्राट चौधरी ने पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच कराने का फैसला किया। पुलिस ने दो एफआईआर की हैं, जबकि मृतक की मां ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताया है।

न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के बहुचर्चित भरत तिवारी पुलिस मुठभेड़ मामले में सूबे की सियासत और प्रशासनिक हलकों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एक हाई-लेवल न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराने का बड़ा ऐलान किया है. इस मामले की जांच पटना उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी.

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस न्यायिक जांच को बिठाने का मुख्य उद्देश्य घटनाक्रम के हर एक पहलू की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पड़ताल करना है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और एनकाउंटर की असली सच्चाई जनता के सामने आ सके.

एनकाउंटर के बाद दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज, पिता और भाई भी फंसे

भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ कांड में पुलिस प्रशासन ने भी कानूनी मोर्चा खोलते हुए दो अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की हैं.

'सरेंडर के बाद मारी गोली'— मां ने डीएसपी और थानेदार पर कार्रवाई के लिए दिया आवेदन

इस पूरे मामले में पुलिस की थ्योरी को चुनौती देते हुए मृतका की मां आशा देवी ने पुलिस के आला अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने जगदीशपुर के डीएसपी और शाहपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी को मुख्य आरोपी बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत दी है. मां का सीधा आरोप है कि उनके बेटे भरत ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया था, लेकिन उसके बाद सोची-समझी रणनीति के तहत उसे गोली मार दी गई. हालांकि, पुलिस की तरफ से इस शिकायत पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हुई है.

कानूनी गलियारों में उठा सवाल, हाईकोर्ट से स्वतः संज्ञान की मांग

इधर, इस एनकाउंटर को लेकर कानूनी मोर्चे पर भी घेराबंदी शुरू हो गई है. पटना हाईकोर्ट के जाने-माने अधिवक्ता रजनीश कुमार ने इस मुठभेड़ की सत्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इसे साफ तौर पर एक 'फर्जी एनकाउंटर' (Fake Encounter) करार देते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और एक स्वतंत्र विशेष जांच दल (SIT) से इसकी जांच कराने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय से इस संवेदनशील मामले में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने की पुरज़ोर अपील की है.

क्या है पुलिस की कहानी? तड़के सुबह छापेमारी करने पहुंची थी टीम

पुलिस द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम 16 और 17 जून के बीच का है. 16 जून को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर 17 जून की सुबह पुलिस की एक विशेष टीम भरत तिवारी को दबोचने और उसके पास मौजूद अवैध हथियारों को जब्त करने उसके पैतृक गांव पहुंची थी.

पुलिस का दावा है कि टीम को देखते ही भरत तिवारी आपा खो बैठा और उसने अपनी पिस्टल तान दी. इसके बाद वह भागकर अपने घर की छत पर चढ़ गया और पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पूछताछ में पिता और भाई ने भी कथित तौर पर माना था कि भरत के पास हथियार थे, जिसके कारण उन पर संरक्षण देने का केस बना.

मोबाइल और पिस्टल लेकर पुलिस को चुनौती, अस्पताल में तोड़ा दम

दूसरी प्राथमिकी के विवरण के अनुसार, छत से कूदकर भरत तिवारी बधार (खेतों) की तरफ भागने लगा. जब पुलिस के जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरा, तो उसने फिर से गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. पुलिस का कहना है कि उसे बार-बार सरेंडर करने की चेतावनी दी जा रही थी, लेकिन वह एक हाथ में मोबाइल और दूसरे हाथ में हथियार लहराते हुए पुलिस को ललकार रहा था.

अंततः, आत्मरक्षा (Self Defense) में पुलिस को भी जवाबी गोलीबारी करनी पड़ी. इस दौरान एक गोली भरत के पैर में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा. पुलिस उसे तुरंत इलाज के लिए शाहपुर रेफरल अस्पताल ले गई, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

http://<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="hi" dir="ltr">भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं…</p>&mdash; Samrat Choudhary (@samrat4bjp) <a href="https://x.com/samrat4bjp/status/2068267865422319712?ref_src=twsrc%5Etfw">June 20, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एक देसी पिस्टल, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो चले हुए खोखे बरामद करने का दावा किया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी भरत की तरफ से करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिसके जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ केवल 5 राउंड फायर किए थे.