बिहार में सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, 200 से अधिक राजस्व कर्मियों का निलंबन रद्द, काम पर लौटने का आदेश

Anshuman Parashar

बिहार सरकार ने 200+ राजस्व कर्मियों का निलंबन रद्द कर बड़ी राहत दी है। सम्राट चौधरी सरकार ने पुराना सख्त फैसला पलटते हुए बहाली का आदेश दिया, ताकि जमीन और जनगणना के रुके हुए काम फिर शुरू हो सकें।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पिछले कई महीनों से चला आ रहा गतिरोध अब खत्म होने की दिशा में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए उन सभी 224 राजस्व कर्मचारियों का सस्पेंशन (निलंबन) रद्द कर दिया है, जिन्हें पिछली सख्ती के दौरान कार्यमुक्त किया गया था। इस फैसले से न केवल विभाग में कामकाज सुधरेगा, बल्कि कर्मचारियों के बीच भी खुशी की लहर है।

विजय सिन्हा के 'सख्त' फैसले पर चली कैंची

यह पूरी कार्रवाई पूर्व उपमुख्यमंत्री और तत्कालीन राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के कार्यकाल के दौरान हुई थी। 11 फरवरी 2026 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए कर्मियों के खिलाफ विभाग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया था। तत्कालीन नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए 224 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद मार्च में अंचलाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी। अब वर्तमान सरकार ने उन आदेशों को पलटते हुए कर्मचारियों की घर वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।

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आम जनता और जनगणना कार्यों पर पड़ा था बुरा असर

हड़ताल और थोक भाव में हुए निलंबन के कारण बिहार के अंचलों (ब्लॉक) में जमीन से जुड़े सारे काम ठप पड़े थे।

विभाग ने जारी किया आधिकारिक पत्र

अपर सचिव द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आम जनहित को देखते हुए और कार्य की महत्ता को समझते हुए बहाली की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। सरकार का मानना है कि कर्मचारियों के वापस लौटने से अटके हुए सरकारी प्रोजेक्ट और जमीन संबंधी विवादों के निपटारे में तेजी आएगी।

क्या है इस फैसले के पीछे का संदेश?

राजस्व विभाग के इस फैसले को सम्राट चौधरी सरकार के एक 'सॉफ्ट स्टैंड' के रूप में देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि टकराव की जगह समन्वय से काम हो ताकि राज्य के विकास कार्यों, विशेषकर भूमि सुधार और डिजिटल रिकॉर्ड्स के कार्यों में कोई बाधा न आए।