न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार में शुक्रवार की शाम मौसम ने ऐसा खौफनाक रूप अख्तियार किया कि राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी-तूफान, भारी बारिश और वज्रपात (आसमानी बिजली) की चपेट में आने से कुल 7 लोगों की जान चली गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन मौतों पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
कहां कितनी हुईं मौतें?
प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में अलग-अलग हादसों ने कई मासूमों की जान ले ली:
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भोजपुर, पटना, समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
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पटना में तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने से दबकर 2 लोगों की जान गई, जबकि वैशाली में भी एक व्यक्ति इसी तरह के हादसे का शिकार हुआ।
पटना में गिरे 50 साल पुराने पेड़, यातायात ठप
राजधानी पटना में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि सचिवालय परिसर (विकास भवन) में लगा 50 साल से भी अधिक पुराना विशाल पेड़ धराशायी हो गया। इस हादसे में वहां खड़ी एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा पटना हाईकोर्ट परिसर, विद्यापति मार्ग और देशरत्न मार्ग जैसे वीआईपी इलाकों में भी बड़े-बड़े पेड़ और होर्डिंग्स उखड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। कई जगहों पर ई-रिक्शा और अन्य वाहन भी इसकी चपेट में आए हैं।
सावधान रहें नागरिक: प्रशासन और मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्यवासियों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि लोग आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें और बिजली चमकने या तेज आंधी के समय घरों के अंदर ही रहें।
नगर निगम ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
पटना नगर निगम ने स्थिति को संभालने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। शहर में कहीं भी पेड़ गिरने, जलजमाव या होर्डिंग टूटने की सूचना देने के लिए निगम ने टोल-फ्री नंबर 155304 और मोबाइल नंबर 9264291339 जारी किया है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि प्राप्त शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जा रहा है ताकि शहर की व्यवस्था सामान्य की जा सके।