बिहार के थाने में अवैध वसूली का मामला, थानाध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार

Rani Thakur

गोपालगंज के जादोपुर थाना में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। 

न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
नमो नारायण मिश्रा/गोपालगंज:
गोपालगंज के जादोपुर थाना में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस जांच में निर्दोष लोगों को बिना प्राथमिकी और कानूनी अनुमति के घंटों थाना परिसर में रखने, मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने और केस से नाम हटाने के नाम पर अवैध राशि लेने के आरोप सामने आए हैं। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष और चौकीदार को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ निलंबित भी कर दिया गया है।

पुलिस के अनुसार 16 अगस्त को पुलिस अधीक्षक गोपालगंज को जादोपुर थाना में पद के दुरुपयोग और अवैध राशि की मांग एवं वसूली से संबंधित गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय को मामले की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई।

जांच में सामने आया कि कुछ लोगों को बिना प्राथमिकी या सक्षम कानूनी अनुमति के करीब 36 घंटे तक थाना परिसर में रखा गया। वहीं, मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर कथित दलाल के माध्यम से 50 हजार रुपये की मांग और वसूली का आरोप सामने आया है।

इसके अलावा एक महिला और उसकी नाबालिग पुत्री को छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये तथा एक युवक का नाम केस से हटाने के नाम पर 55 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली का मामला भी जांच में सामने आया है।

जांच के दौरान गवाहों को प्रभावित करने और डराने-धमकाने का प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक थाना प्रभारी और कथित दलाल के बीच लगातार मोबाइल संपर्क की पुष्टि भी जांच में हुई है। स्टेशन डायरी में एंट्री नहीं होने और थाने से छोड़े गए लोगों से संबंधित दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026, दिनांक 18 अगस्त को दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई। मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, कथित दलाल राजू यादव, थाना चालक राकेश कुमार और चौकीदार महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पद और दायित्व का दुरुपयोग, रिश्वतखोरी, अवैध वसूली, लोगों को गैर-कानूनी तरीके से निरुद्ध करना या जांच को प्रभावित करने का प्रयास किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।