जमुई के जंगलों में तेंदुए की दस्तक, बिहार का तीसरा बड़ा ‘लेपर्ड जोन’ बनने की ओर बढ़ा कुकुरझप

sawan kumar

जमुई के कुकुरझप और गुरमाहा जंगलों में तेंदुए की मौजूदगी के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में है। इलाके में कैमरा सर्वे शुरू कर दिया गया है और इसे बिहार के नए “लेपर्ड जोन” के रूप में देखा जा रहा है।

जमुई के जंगलों में तेंदुए की दस्तक ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

धीरज कुमार सिंह / जमुई -   जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित कुकुरझप डैम से सटे घने जंगलों और गुरमाहा-चोरमारा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी सामने आने के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। गश्ती के दौरान तेंदुए समेत कई जंगली जानवरों के देखे जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद मुंगेर वन प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले मलयपुर रेंज ने इलाके में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया है।

हाईलाइट्स - 

नाइट विजन कैमरों से होगी निगरानी

वन विभाग ने कुकुरझप डैम और आसपास के जंगलों में कई दर्जन नाइट विजन कैमरे लगाए हैं, जबकि अतिरिक्त ट्रैप कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी जारी है। इन कैमरों के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि इलाके में तेंदुओं की वास्तविक संख्या कितनी है और जंगलों में कौन-कौन से वन्यजीव सक्रिय हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह सर्वे भविष्य में क्षेत्र की जैव विविधता को समझने और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में अहम साबित होगा।

भालू, हिरण और दुर्लभ पक्षियों की भी मौजूदगी

जानकारी के मुताबिक गुरमाहा और चोरमारा जंगलों में तेंदुए के अलावा भालू, हिरण, बंदर, मोर, साही, जंगली सूअर और खरगोश जैसे कई वन्यजीव देखे गए हैं। यहां दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों की मौजूदगी भी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार कुकुरझप डैम के आसपास फैली घनी झाड़ियां, चट्टानी क्षेत्र और पर्याप्त जल स्रोत वन्यजीवों के लिए बेहद अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। इसी वजह से यहां भारतीय सिवेट (Viverricula indica) जैसे दुर्लभ निशाचर जीव भी दिखाई दे रहे हैं।

इको-टूरिज्म हब बनने की संभावना

वन अधिकारियों का मानना है कि बरहट, कुकुरझप डैम और भीमबांध से जुड़ा विशाल वन क्षेत्र भविष्य में बिहार के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में उभर सकता है। अब तक बिहार में कैमूर और बेतिया क्षेत्र तेंदुओं की मौजूदगी के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन अब जमुई भी राज्य का तीसरा महत्वपूर्ण “लेपर्ड जोन” बनने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।

अधिकारियों ने क्या कहा

मलयपुर रेंज ऑफिसर सुशांत कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है। कैमरा सर्वे के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों और संख्या का अध्ययन किया जाएगा। गश्ती अभियान में बरहट थाना प्रभारी कुमार संजीव, फॉरेस्टर और वन विभाग के कई कर्मी भी मौजूद रहे।

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