ड्रग माफियाओं की अब खैर नहीं! बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स हुई तैयार

Anshuman Parashar

किशनगंज एसपी ने बिहार की पहली एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) बनाई है। 12 जवानों की यह टीम ड्रग सिंडिकेट को ध्वस्त करेगी, तस्करों की संपत्ति जब्त होगी और हेल्पलाइन से जनता को भी जोड़ा जाएगा।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए प्रदेश की पहली जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया है। एसपी संतोष कुमार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल नशे की खेप पकड़ना है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सिंडिकेट को ध्वस्त करना है।

एसडीपीओ के नेतृत्व में 12 जांबाजों की विशेष टीम

इस हाई-प्रोफाइल टास्क फोर्स की कमान एसडीपीओ मंगलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है, जबकि इंस्पेक्टर राजू को टीम प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। इस विशेष दल में 12 प्रशिक्षित और तेज-तर्रार पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है। यह टीम पूरी तरह से खुफिया तंत्र और आधुनिक रणनीतियों पर आधारित होकर काम करेगी।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क का होगा सफाया

एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अब छोटे मोहरों के बजाय बड़े ड्रग माफियाओं और उनके फंडिंग नेटवर्क पर निशाना साधेगी। टीम का फोकस तस्करी के रास्तों, सप्लायर्स और गिरोह के सरगनाओं की पहचान कर उनके आर्थिक स्रोतों को बंद करने पर होगा।

पुराने अपराधियों पर पैनी नजर और हेल्पलाइन की सुविधा

ANTF न केवल नए मामलों पर काम करेगी, बल्कि जेल से छूटे हुए पुराने नशा तस्करों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखेगी। दोबारा अपराध रोकने के लिए उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक गुप्त हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, जिस पर लोग बिना डरे जानकारी साझा कर सकेंगे।

शक्ति भी और समझाइश भी, जागरूकता पर जोर

पुलिस का मानना है कि नशा केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक बुराई है। इसलिए, पुलिस स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी। नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुँचाने में भी पुलिस सहयोग करेगी।

संपत्ति कुर्की और स्पीडी ट्रायल से बढ़ेगा खौफ

तस्करों के मन में कानून का डर पैदा करने के लिए पुलिस अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल का सहारा लिया जाएगा, ताकि किशनगंज को पूरी तरह सुरक्षित और नशामुक्त बनाया जा सके।