मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन का 70% काम पूरा, अगस्त से शुरु हो सकता है आवागमन; भागलपुर पहुंचेंगे सिर्फ 1 घंटे में

sawan kumar

मुंगेर से मिर्जाचौकी तक बन रही 124.41 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और अगस्त से इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।

मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन का 70% काम पूरा

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना / मुंगेर -   मुंगेर से झारखंड के मिर्जाचौकी तक बन रही 124.41 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क का निर्माण तेजी से अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि शेष कार्य निर्धारित समय के अनुसार समाप्त हो जाता है, तो अगस्त से इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सकता है। करीब 5788 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सड़क बिहार के मुंगेर, भागलपुर और बांका जिलों को झारखंड के मिर्जाचौकी से जोड़ेगी। वर्तमान में मुंगेर से भागलपुर की यात्रा में दो से तीन घंटे, जबकि जाम की स्थिति में चार से पांच घंटे तक लग जाते हैं। नई फोरलेन सड़क चालू होने के बाद यही दूरी लगभग एक घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

हाइलाइट्स - 

बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा की तैयारी

नई सड़क के शुरू होने से पूर्वी बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन काफी आसान और तेज हो जाएगा। पटना की ओर यात्रा करने वाले लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत मुंगेर जिले के कल्याणपुर और भागलपुर जिले के पीरपैंती में आधुनिक टोल प्लाजा बनाए जा रहे हैं, जहां वाहन चालकों को टोल शुल्क देना होगा। यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जा रहा है। मुंगेर जिले में लगभग 22.5 किलोमीटर हिस्से का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर फिनिशिंग, मिट्टी भराई और लेवलिंग का कार्य जारी है। बरियारपुर क्षेत्र में बिजली के खंभों की स्थापना और सड़क निर्माण में बाधा बनने वाले बिजली टावरों के स्थानांतरण जैसे कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं, जिससे परियोजना की रफ्तार बढ़ी है।

व्यापार, जमीन और परिवहन क्षेत्र को मिलेगा लाभ

फोरलेन सड़क के निर्माण का असर आसपास के इलाकों की अर्थव्यवस्था पर पहले से दिखाई देने लगा है। मुंगेर, जमालपुर, भागलपुर और अन्य क्षेत्रों में सड़क किनारे जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर जमीन के दाम परियोजना की घोषणा के बाद दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। सड़क बनने से माल ढुलाई आसान होगी, परिवहन लागत कम होगी और नए उद्योगों तथा निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए गति सीमा भी निर्धारित की गई है। कारों के लिए अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा, यात्री वाहनों के लिए 90 किमी प्रति घंटा तथा मालवाहक वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए 80 किमी प्रति घंटा तय की गई है। वहीं पहाड़ी और घुमावदार हिस्सों में सुरक्षा कारणों से यह सीमा और कम रखी जाएगी।

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