दानापुर में EOU की बड़ी कार्रवाई: कोऑपरेटिव बैंक अफसर के घर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति व कैश बरामद

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राजू राज/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क:
ये खबर दानापुर के रूपसपुर थाना क्षेत्र से है, जहां पुष्पक एंक्लेव में रहने वाले पाटलिपुत्र कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक के विकास पदाधिकारी भावेश कुमार सिंह के घर में सुबह से शाम तक 8 घंटे से ज्यादा समय तक चली छापेमारी के बाद चपेमारी समाप्त हो गया. बताया जाता है कि भावेश कुमार सिंह के 6 ठिकानो पर eou छापेमारी कर रही थी जिसमें दानापुर बिहटा समेत पटना के गोपालगंज पटना के बाईपास के मकान से दास्तावेज मिले है. 

आर्थिक अपराध ईकाई के डीएसपी सुनील कुमार ने बताया कि भावेश कुमार सिंह पाटलिपुत्र कोऑपरेटिव सेंट्रल बैंक में विकास पदाधिकारी हैं उनके खिलाफ आर्थिक अपराधिक मामले.में केस दर्ज हुआ है आज आर्थिक अपराध इकाई ने उनके घर की तलाश लिए पूरे बिहार में 6 ठिकानों पर आर्थिक अपराधि इकाई द्वारा छापेमारी हुई है. कैश कागजात जेवरात बरामद हुए हैं. यह छापेमारी सुबह से शाम तक छापेमारी हुई है, इनका पटना में फ्लैट है. अपना मकान है राइस मिल है. सभी पेट्रोल पम्प है. यह अपनी एक कंपनी भी चलाते थे जिसकी भी जांच आर्थिक अपराध इकई कर रही है. आकलन की बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी आकलन हम लोग कर रहे है लेकिन भारी मात्रा में कैस, बैंक अकाउंट और कई फाइनेंशियल दस्तावेज बरामद हुए हैं. उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप और राइस मिल भी उनके नाम है वहां से भी कागजात बरामद हुए हैं. आगे कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि आगे का अनुसंधान होगा. साथ ही उन्होंने उनके घर के सामने दरवाजे के बाहर कूड़े में फेके गए कागजात के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि कई कागजात हैं. जो काम के नहीं है यह लगभग 40 के आसपास लोगों को नौकरी लगने के लिए भी पैसे लिए थे. उनकी भी जांच हो रही है. यह जेडीयू और बीजेपी में चुनाव लड़ने के बायोडाटा भी दे चुके थे. हालांकि बीते चुनाव में इनको कहीं जगह नहीं मिली थी लेकिन ₹80000 कमाने वाला कोऑपरेटिव बैंक का विकास पदाधिकारी करोड रुपए खर्च करने के लिए तैयार था. जिसके जांच में जो अभी भी लगी हुई है. साथ ही अभियुक्त भावेश को भी EOU अपने साथ ले गाई है.

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