फुटबॉल से कबड्डी तक... अब गांवों से निकलेंगे खिलाड़ी! पटना की 186 पंचायतों में बनेंगे हाईटेक खेल मैदान

sawan kumar

पटना जिले में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए 186 पंचायतों में आधुनिक खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इन मैदानों में फुटबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन और रनिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

AI सांकेतिक तस्वीर ।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -    पटना जिले के ग्रामीण इलाकों में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले की 186 पंचायतों में नए खेल मैदान विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। दूसरे चरण की इस योजना को लेकर जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण युवाओं और स्कूली बच्चों को स्थानीय स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत पंचायत स्तर पर ऐसे मैदान तैयार किए जाएंगे जहां विभिन्न खेल गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित हो सकें। प्रशासन का मानना है कि इससे गांवों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलेगा और युवाओं में खेल के प्रति रुचि भी बढ़ेगी।

हाईलाइट्स - 

 

जमीन चयन और निर्माण प्रक्रिया पर फोकस

खेल मैदान निर्माण के लिए जमीन चयन की जिम्मेदारी अंचल अधिकारियों और पंचायत स्तर के कार्यक्रम पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। दोनों विभागों की टीम स्थल का निरीक्षण कर अंतिम प्रस्ताव तैयार करेगी। जानकारी के मुताबिक, अब तक नौ पंचायतों में जमीन की पहचान कर एनओसी भी प्राप्त कर ली गई है। इनमें बाढ़ और बिहटा प्रखंड की पंचायतें प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक खेल मैदान के विकास पर लगभग 10 से 17 लाख रुपये तक खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत करीब 50 डिसमिल भूमि की जरूरत होगी। जिन पंचायतों में जमीन उपलब्ध हो चुकी है वहां जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है, जबकि बाकी पंचायतों में उपयुक्त भूमि की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

युवाओं को मिलेंगी आधुनिक खेल सुविधाएं

यह परियोजना विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत लागू की जा रही है। योजना के अंतर्गत बनने वाले खेल मैदानों में फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी जैसी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही रनिंग ट्रैक भी तैयार किए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी अभ्यास कर सकें। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को नई योजना के नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा। इससे पहले जिले में पहले चरण के तहत 123 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। अधिकांश मैदान स्कूल परिसरों या उनके आसपास विकसित किए गए हैं ताकि छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिल सके। प्रशासन को उम्मीद है कि दूसरे चरण के पूरा होने के बाद गांवों में खेल गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी और बच्चों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

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