बिहार में स्वास्थ्य योजनाओं पर ED का शिकंजा, करोड़ों के टेंडर घोटाले की आंच में घिरे कई सीनियर अफसर और कारोबारी

Anshuman Parashar

पटना टेंडर घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई से 7 IAS अधिकारी रडार पर आ गए हैं। तत्कालीन नगर आयुक्त ऋषु श्री और कारोबारी योगेश के ठिकानों पर छापेमारी में करोड़ों के हेरफेर के सबूत मिले हैं।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क ( अस्मित, पटना)बिहार की राजधानी पटना में सरकारी टेंडरों और स्वास्थ्य योजनाओं में हुए बड़े फर्जीवाड़े को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच की आंच बिहार कैडर के 7 वरिष्ठ IAS अधिकारियों तक पहुंच गई है, जो इस वक्त ईडी के रडार पर हैं। इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने के लिए केंद्रीय एजेंसी ने तत्कालीन नगर आयुक्त ऋषु श्री और उनसे जुड़े रसूखदार कारोबारी योगेश कुमार के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

3.5% का फिक्स कमीशन और कबाड़ी से टेंडर किंग बनने की कहानी

ईडी की शुरुआती जांच में सरकारी खजाने की लूट का एक बेहद चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया है:

दवा और उपकरण खरीद में बड़ा खेल, मिले अहम डिजिटल सबूत

छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय के हाथ कई ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य लगे हैं, जो इस घोटाले की कड़ियों को आपस में जोड़ते हैं:

स्वास्थ्य बजट पर टिकी थीं नजरें, जांच का दायरा बढ़ा

बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए भारी-भरकम बजट खर्च कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये का विशाल बजट आवंटित किया है। इतनी बड़ी राशि के बीच स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में करोड़ों रुपये के घोटाले की इस आशंका ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है।