बिहार पुलिस में बड़ा बदलाव, अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को सौंपी जाएगी 425 थानों की कमान

Rani Thakur

बिहार में अधिक अपराध वाले 425 थानों में इंस्पेक्टर को ही थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलेगी। डीजीपी विनय कुमार ने सोमवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया।

डीजीपी विनय कुमार

न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क :  बिहार में अधिक अपराध वाले 425 थानों में इंस्पेक्टर (पुलिस निरीक्षक) को ही थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलेगी। अंचल निरीक्षक (सर्किल इंस्पेक्टर) की शक्तियों से लैस इन अधिकारियों के अंतर्गत अनुसंधान और विधि-व्यवस्था की अलग-अलग इकाइयां काम करेंगी। पुलिस मुख्यालय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए यह फैसला लिया है। डीजीपी विनय कुमार ने सोमवार को इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया।

दारोगा संभाल रहे थे जिम्मेदारी 

वर्तमान में राज्य में 1382 थाने हैं। पुलिस मुख्यालय के संज्ञान में यह बात सामने आई थी कि कई महत्वपूर्ण और बड़े थानों में इंस्पेक्टर की जगह दारोगा को थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें बड़ी संख्या में पटना जिले के थाने भी शामिल थे। इसी माह इसको लेकर सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की गई थी।

समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय 

समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय ने बेहतर विधि-व्यवस्था को लेकर इंस्पेक्टर के नियंत्रण वाले थानों की संख्या लगभग दोगुनी कर दी। अभी तक 208 थाने ऐसे थे, जहां इंस्पेक्टर ही थानाध्यक्ष बन सकते थे। समीक्षा के बाद पुलिस मुख्यालय ने 217 अतिरिक्त थानों को सामान्य श्रेणी के थानों में उत्क्रमित कर दिया है।

नियम का सख्ती से पालन करने का आदेश 

इन थानों में पुलिस निरीक्षक स्तर के पदाधिकारियों को थानाध्यक्ष के रूप में पदस्थापित किया जाएगा। इन नये 217 थानों का चयन उनके आकार, अपराध की संवेदनशीलता और वहां प्रतिवर्ष दर्ज होने वाले औसतन कम-से-कम 350 कांडों के आधार पर किया गया है। इस नियम का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश भी दिया गया है।