बिहार में 11 सैटेलाइट शहर बसाने की तैयारी तेज, रोजगार-निवेश को मिलेगी मजबूती

Rani Thakur

सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार में प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं की गति को लेकर समीक्षा की। इन परियोजनाओं से राज्य में रोजगार सृजन, निजी निवेश और सुनियोजित शहरीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।<br/><br/>

बिहार में 11 सैटेलाइट शहर बसाने की तैयारी तेज

न्यूज 11 भारत /  बिहार डेस्क 
अश्मित सिन्हा/ पटना:  
बिहार में प्रस्तावित 11 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को लेकर सीएम सम्राट चौधरी ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में आयोजित इस बैठक में परियोजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इस बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने तमाम परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से सीएम को अवगत कराया।

भूमि और आधारभूत संरचना पर विशेष जोर

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण और विभिन्न स्वीकृतियों से जुड़ी बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने का भी निर्देश जारी किया। 

रोजगार और निवेश के नए अवसर खुलेंगे

इस मौके पर सीएम ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप केवल आवासीय परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन, निजी निवेश और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी।

सुनियोजित शहरीकरण की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सैटेलाइट टाउनशिप भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर आवासीय और व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।

विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने का आदेश 

मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर काम करें ताकि परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया गया।

शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम करने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी 11 सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने के बाद प्रमुख शहरों पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवासीय और व्यावसायिक केंद्र उपलब्ध होंगे, जिससे संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।