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पंजाब सरकार वर्ल्ड बैंक के साथ करने जा रही ₹3,500 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश

Punjab news: पंजाब सरकार ने गुरुवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक निर्णायक कदम उठाते हुए वर्ल्ड बैंक के साथ ₹3,500 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश करने की घोषणा की है. ‘स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन’ के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के व्यापक कायाकल्प का लक्ष्य सरकार द्वारा तय किया गया है. यह पहल केवल वित्तीय सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री की शिक्षा नीतियों पर वैश्विक संस्थाओं के मजबूत विश्वास का प्रतीक भी है.  [caption id="attachment_138919" align="alignnone" width="1200"] Representative image[/caption]

राज्य सरकार खर्च करेगी ₹1,000 करोड़ 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मिशन के तहत ₹2,500 करोड़ वर्ल्ड बैंक और ₹1,000 करोड़ राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त अगले छह वर्षों में 20,000 से अधिक सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और प्रशासनिक प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा. गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति में काफी सुधार देखने मिला है. पहले जहां कई स्कूलों में बाउंड्री वॉल तक नहीं थी, वहीं अब स्मार्ट बोर्ड, एसी क्लासरूम, सुरक्षित परिसर और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है.

इसी कड़ी में स्कूलों में मेगा पीटीएम के माध्यम से अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाई गई है. शिक्षकों और प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेंस’ की स्थापना के जरिए गरीब बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. 

[caption id="attachment_132722" align="alignnone" width="1200"] पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान[/caption]

इन क्षेत्रों पर दिया जा रहा ज़ोर

पिछले सर्वेक्षण में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ने के बाद अब लक्ष्य पंजाब के स्कूलों को विश्व स्तरीय संस्थानों के समकक्ष खड़ा करना है. बुनियादी साक्षरता के साथ-साथ साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है. 

अब जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनेंगे पंजाब के युवा

अधिकृत सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने शिक्षा बजट में वृद्धि कर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राथमिकता राज्य के भविष्य को संवारने की है. ‘बिजनेस ब्लास्टर्स’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है. यह पहल केवल शैक्षिक सुधार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक निर्णायक कदम है. सूत्रों ने कहा कि अब पंजाब के युवा जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनेंगे.