न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ सकती है। समस्तीपुर से बाबा विश्वनाथ की नगरी बनारस के बीच नई 'वंदे भारत एक्सप्रेस' चलाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालांकि रेलवे की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन सियासी और प्रशासनिक गलियारों में इसकी चर्चा ने यात्रियों का उत्साह बढ़ा दिया है।
जानें किस रूट पर चलने की उम्मीद
वर्तमान में इस क्षेत्र से एक वंदे भारत ट्रेन (जोगबनी-दानापुर) गुजरती है, जो मुजफ्फरपुर के रास्ते जाती है। लेकिन समस्तीपुर के रेल यात्रियों की मांग है कि नई ट्रेन को 'स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस' वाले पारंपरिक रूट पर चलाया जाए। जानकारों का मानना है कि अगर यह ट्रेन इस रूट पर आती है, तो समस्तीपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए बनारस पहुंचना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि समय की भी बड़ी बचत होगी।
लंबे समय से हो रही थी मांग, बैठकों में गरमाया मुद्दा
समस्तीपुर से वाराणसी के बीच इस प्रीमियम ट्रेन की मांग नई नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और यात्री संगठनों ने कई रेल बैठकों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। माना जा रहा है कि आगामी बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इस ट्रेन के शुरू होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापारिक दृष्टिकोण से भी यह रूट बेहद अहम साबित होगा।
क्या है वंदे भारत की खासियत?
वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी रफ्तार और विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए जानी जाती है। इस ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं हैं:
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यह ट्रेन 160 से 180 किमी/घंटा की गति तक दौड़ सकती है।
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जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली, वाई-फाई और ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे।
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बायो-वैक्यूम टॉयलेट और एग्जीक्यूटिव क्लास में 180 डिग्री तक घूमने वाली सीटें।
रेलवे का बढ़ता नेटवर्क
देश की पहली वंदे भारत ट्रेन 2019 में दिल्ली से वाराणसी के बीच ही चली थी। अब तक देश में 164 से अधिक वंदे भारत सेवाएं संचालित हो रही हैं। यदि समस्तीपुर-बनारस रूट पर यह ट्रेन शुरू होती है, तो यह बिहार के रेल नेटवर्क के विस्तार में एक और बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।