सावन कुमार ने रचा इतिहास, भारत को दिलाया अंडर-18 एशियन हॉकी का स्वर्ण पदक

sawan kumar

बिहार के युवा गोलकीपर सावन कुमार ने जापान में आयोजित अंडर-18 एशियन हॉकी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी उपलब्धि पर बिहार सरकार ने सम्मानित

सावन कुमार ने रचा इतिहास

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना -   बिहार के युवा गोलकीपर सावन कुमार ने जापान में आयोजित अंडर-18 एशियन हॉकी टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट के दौरान सावन ने गोलपोस्ट के सामने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीमों के कई आक्रमणों को विफल किया। उनकी शानदार गोलकीपिंग की बदौलत भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में मेजबान जापान को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5-3 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया था। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एशियाई हॉकी में अपनी श्रेष्ठता साबित की और देश को गौरवान्वित किया। बिहार के लिए भी यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि राज्य के खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता में अहम योगदान दिया है।

हाइलाइट्स - 

सम्मान समारोह में मंत्री ने दी बधाई

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बिहार सरकार की ओर से सावन कुमार को सम्मानित किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री तथा बिहार हॉकी संघ के अध्यक्ष श्रवण कुमार ने उन्हें सम्मान देकर उनकी सफलता की सराहना की। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि सावन कुमार ने न केवल बिहार बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि बिहार ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है और यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। मंत्री ने विश्वास जताया कि सावन भविष्य में भी भारतीय हॉकी टीम के लिए इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहेंगे। सम्मान समारोह में खेल प्रेमियों और हॉकी संघ के पदाधिकारियों ने भी सावन को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

राज्य सरकार देगी आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन

सावन कुमार की उपलब्धि को देखते हुए बिहार सरकार ने उन्हें विशेष आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की खेल नीति के तहत सावन को लगभग 16 लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाली छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इस तरह की सहायता से खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिक तैयार होंगे। सावन कुमार की सफलता ने बिहार के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रतिभा और मेहनत के बल पर बिहार के खिलाड़ी विश्व मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।


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