'बिना चुनाव लड़े बन गए मंत्री, अब BJP न बोले परिवारवाद पर', तेजस्वी यादव का PM मोदी पर सीधा हमला

Anshuman Parashar

तेजस्वी यादव का सम्राट कैबिनेट पर सीधा हमला बिहार में 6 महीने में 2 CM देखे, बीजेपी अब परिवारवाद पर न बोले। 17 मंत्रियों की लिस्ट और TRE-4 लाठीचार्ज पर सरकार को घेरा; बताया- बिहार भगवान भरोसे।

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (अस्मित, पटना):  बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में सरकार गठन के 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन 50 फीसदी समय तो सिर्फ सरकार बनाने और कैबिनेट विस्तार में ही निकल गया। उन्होंने कहा, "शायद ही किसी राज्य में ऐसा हुआ होगा जहाँ 6 महीने में दो-दो मुख्यमंत्री देखने पड़े हों।"

परिवारवाद पर बीजेपी को घेरा

तेजस्वी यादव ने परिवारवाद के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने निष्णात और दीपक प्रकाश का नाम लेते हुए कहा कि बीजेपी अब किस मुंह से परिवारवाद पर बोलेगी? उन्होंने सवाल उठाया, "पीएम मोदी पहले हमें 'शहजादा' कहते थे, अब वो बताएं कि बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने वाले ये लोग कौन से शहजादे हैं?" तेजस्वी ने दावा किया कि मौजूदा कैबिनेट में 17 मंत्री ऐसे हैं जो किसी न किसी राजनीतिक परिवार से आते हैं।

"लालू जी की पाठशाला से निकले हैं मुख्यमंत्री"

सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी) खुद लालू जी की 'पाठशाला' से निकले हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट जी को 'पाठशाला' शब्द बुरा लगता है, लेकिन हकीकत यही है कि लालू जी को गाली दिए बिना ये लोग सरकार में कुछ नहीं बन पाते। तेजस्वी ने भविष्यवाणी की कि बहुत जल्द दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बच्चे भी राजनीति में नजर आएंगे।

TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज और बेरोजगारी पर सवाल

पटना की सड़कों पर आज हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि एक तरफ सरकार जश्न मना रही है और दूसरी तरफ TRE-4 के छात्रों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में विकास पूरी तरह ठप है, खजाना खाली हो चुका है और सरकार केवल 'रीलबाजी' और विपक्षियों पर केस करने में व्यस्त है।

क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर उठाए सवाल

कैबिनेट के गठन पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी ने कहा कि इसमें क्षेत्रीय संतुलन का कोई ख्याल नहीं रखा गया। उन्होंने पूछा, "एक-एक प्रखंड से दो-दो मंत्री बना दिए गए, लेकिन दूसरी जातियों और अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया गया?" उन्होंने याद दिलाया कि लालू जी के समय 7-8 मुसलमान मंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज उन्हें हाशिए पर धकेल दिया गया है।

वादों की याद दिलाई: "कब मिलेंगे महिलाओं को 1.90 लाख?"

तेजस्वी ने सरकार से तीखे सवाल पूछे कि चुनाव के दौरान किए गए वादों का क्या हुआ? महिलाओं को 1.90 लाख रुपये कब मिलेंगे? फ्री बिजली का वादा करने वालों ने दाम और बढ़ा दिए हैं। उन्होंने अंत में कहा कि बिहार अब 'भगवान भरोसे' चल रहा है क्योंकि सरकार के पास विकास का कोई विजन नहीं है।