न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (अस्मित, पटना): तेजस्वी यादव ने सरकार में बैठे मंत्रियों की सुख-सुविधाओं पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग जनसेवा के बजाय संसाधनों पर कब्जा करने में जुटे हैं। उन्होंने तंज कसा, "आलम यह है कि मंत्रियों के पास दो-दो आवास हैं, 1 नंबर और 5 नंबर सब एक हो गया है। जब नीयत ही अपनी सुविधाओं तक सीमित हो, तो जनता के हक के काम कैसे होंगे?"
फ्री बिजली के वादे पर घेरा, राहत देने के बजाय बढ़ा दिए दाम
चुनाव के दौरान किए गए वादों की याद दिलाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने जनता को 'फ्री बिजली' का सब्जबाग दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि बिजली के बिल कम होने के बजाय और बढ़ा दिए गए हैं। उन्होंने पूछा कि पिछले 6 महीनों में सरकार ने ऐसा एक भी काम किया हो जिसे वह अपनी उपलब्धि बता सके, तो सामने आए। तेजस्वी ने सवाल किया, "बिहार नंबर-1 राज्य कब बनेगा? सरकार के पास न विजन है, न इच्छाशक्ति।"
NEET धांधली और भ्रष्टाचार हमारी सरकार होती तो क्या होता?
हालिया पेपर लीक और NEET की घटनाओं का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर हमारी सरकार होती और ऐसी घटना हो जाती, तो ये लोग शोर मचा देते। आज किसी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस सरकार में कोई सच सुनना नहीं चाहता।" उन्होंने कहा कि बिहार में जिस तरह से बुलडोजर संस्कृति और एनकाउंटर का सहारा लेकर रीलबाजी की जा रही है, वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
मंत्रिमंडल में अपराधियों की एंट्री और सीएम पर वार
तेजस्वी ने नवनियुक्त मंत्रियों की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मंत्रिमंडल में कई ऐसे चेहरे हैं जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "सीएम पर खुद कितने मामले हैं, ये सब जानते हैं। अब जब वे सत्ता में हैं, तो सारे केस रफा-दफा कर दिए जाएंगे।"
विधायकों पर तल्ख टिप्पणी
अपनी ही पार्टी या गठबंधन के कुछ नए जीतकर आए विधायकों के व्यवहार पर भी तेजस्वी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विधायकों को 'उलूल-जुलूल' कहते हुए चेतावनी दी कि जनता ने उन्हें मैंडेट काम करने के लिए दिया है। उन्होंने टिकट वितरण और जीतने वाले उम्मीदवारों की योग्यता पर भी आत्ममंथन की बात कही।