बिहार का ‘कश्मीर’ बना वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, गर्मी की छुट्टियों में उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़, जून तक फुल बुकिंग

sawan kumar

गर्मी की छुट्टियों में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बन गया है, जहां 12 हजार से अधिक सैलानी पहुंच चुके हैं। जंगल सफारी, बोटिंग और थारू संस्कृति के अनुभव ने इसे बिहार का सबसे लो

बिहार का ‘कश्मीर’ बना वाल्मीकि टाइगर रिजर्व

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

सागर शुक्ला /  पश्चिमी चंपारण -   बिहार का एकमात्र टाइगर रिजर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) इस बार गर्मी की छुट्टियों में पर्यटकों के आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। मई महीने के शुरुआती दिनों में ही यहां 12 हजार से अधिक सैलानी पहुंच चुके हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज हो गई हैं। इको हट, वन विभाग के गेस्ट हाउस और प्रसिद्ध थारू हट जैसे ठहरने के स्थानों की बुकिंग जून तक फुल हो चुकी है। पर्यटकों की बढ़ती भीड़ ने स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन व्यवस्था को भी नई ऊर्जा दी है। गर्मी के बावजूद यहां का प्राकृतिक वातावरण, घने जंगल और नदी किनारे का शांत दृश्य लोगों को लगातार आकर्षित कर रहा है।

हाईलाइट्स -

जंगल सफारी और एडवेंचर गतिविधियों से बढ़ा रोमांच

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। मदनपुर, गोवर्धना और वाल्मीकिनगर रेंज में सुबह और शाम होने वाली सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, गैंडा, हिरण, बाइसन और मोर जैसे वन्यजीवों के दर्शन आसानी से हो रहे हैं। इसके अलावा गंडक नदी में बोटिंग का अनुभव भी सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जहां घड़ियाल, डॉल्फिन और कई प्रवासी पक्षियों को देखने का अवसर मिलता है। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित करीब 1.5 किलोमीटर लंबा कौलेस्वर झूला पुल भी पर्यटकों के लिए खास सेल्फी स्पॉट बन गया है। इसके साथ ही वाल्मीकि आश्रम और थारू जनजातीय संग्रहालय में स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिल रहा है।

पर्यटन सुविधाओं में सुधार से बढ़ा आकर्षण

वन विभाग द्वारा इस वर्ष पर्यटकों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सफारी के लिए चार नई जिप्सी और दो कैंटर वाहनों को शामिल किया गया है, जिससे अधिक संख्या में पर्यटक आसानी से जंगल भ्रमण कर पा रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को और मजबूत किया गया है, वहीं वाल्मीकिनगर में नया पर्यटक सूचना केंद्र भी शुरू किया गया है ताकि आगंतुकों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। बच्चों के लिए नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर और तितली पार्क भी विशेष आकर्षण बनकर उभरे हैं। बेहतर व्यवस्थाओं और प्राकृतिक सुंदरता के कारण वाल्मीकि टाइगर रिजर्व इस समय बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है।

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