छत्तीसगढ़

आज से छत्तीसगढ़ दौरे पर अमित शाह, नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन पर होगा अंतिम फैसला

amit shah chhattisgarh visit: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज से तीन दिन के छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं और इस बार एजेंडा बिल्कुल साफ है, नक्सलवाद का आखिरी अध्याय. रायपुर पहुंचते ही शाह की निगाहें उस टाइमलाइन पर होंगी, जिसे खुद उन्होंने मार्च 2026 तक तय किया है. माना जा रहा है कि इस दौरे में अब सिर्फ समीक्षा नहीं, बल्कि अंतिम फैसले होंगे.

amit shah chhattisgarh visit: नवा रायपुर में हाईलेवल मीटिंग

अमित शाह शनिवार रात रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन आठ फरवरी को नवा रायपुर में नक्सल मामलों को लेकर उच्चस्तरीय बैठक लेंगे. इस बैठक में अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे. यही वह बैठक होगी, जिसमें 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद के पूरी तरह खात्मे को लेकर फाइनल रणनीति पर मुहर लगाई जाएगी. गृह मंत्रालय के मुताबिक, इसे माओवादमुक्त भारत की दिशा में आखिरी बड़ा एक्शन प्लान माना जा रहा है.

amit shah chhattisgarh visit: नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील?

शाह का यह तीन दिवसीय दौरा सिर्फ बैठक तक सीमित नहीं है. बस्तर के जिन इलाकों में अब भी करीब पांच प्रतिशत नक्सली प्रभाव बचा हुआ है, वहां की जमीनी स्थिति पर भी फोकस रहेगा. सरकार के आकलन के मुताबिक, 31 मार्च 2026 की तय समयसीमा में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. यही वजह है कि इस दौरे को नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. Also Read-india us extra tariff ended: अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ आज से खत्म, भारत के लिए खुलेगा 30 लाख करोड़ डॉलर का बाजार

9 फरवरी को बस्तर पंडूम समापन में शामिल होंगे शाह

जहां सात फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बस्तर में संभाग स्तरीय बस्तर पंडूम का उद्घाटन करेंगी, वहीं नौ फरवरी को अमित शाह इसके समापन समारोह में शामिल होंगे. इस दौरान शाह बस्तर के कुछ अंदरूनी इलाकों का भी दौरा करेंगे. सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर जमीनी हालात और आगे की रणनीति पर सीधे फीडबैक लेंगे.

नक्सलियों को साफ संदेश

केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार के बीच बेहतर तालमेल का असर साफ दिख रहा है. नक्सल विरोधी अभियानों को लगातार मजबूती मिली है. अमित शाह और राज्य गृहमंत्री विजय शर्मा पहले ही साफ कर चुके हैं, संदेश स्पष्ट है, या तो मुख्यधारा में लौटें, या फिर सुरक्षा बलों का सामना करने के लिए तैयार रहें. अब निगाहें शाह के इस दौरे के नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि मार्च 2026 का लक्ष्य जमीन पर कैसे उतरेगा.