मिडिल-ईस्ट की तरह इनके हाथ-पैर काट डाले.. कानून नहीं मानने वालों के खिलाफ कर्नाटक HC की सख्त टिप्पणी

Pramod Kumar,News11 Bharat,

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: भले ही कानून और अदलतों के हाथ बंधे होते हैं, लेकिन समाजिक स्थितियों को वे भी समझते हैं और जब ये स्थितियां सीमा लांघ जाती हैं तो उनकी भी भावनाएं किसी न किसी रूप में उभर कर सामने आ ही जाती है. हाल में कर्नाटक हाई कोर्ट की टिप्पणी चीख-चीख कर इस बात की तस्दीक करती है, सीमा से बाहर जाकर काम करने की इनकी भी इच्छा होती है, लेकिन संविधान उनके हाथ बांधे रखता है.

कर्नाटक हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में जो टिप्पणी की है, वह यह बताने के लिए काफी है कि समाज अपनी सीमा में रहे, अगर कानून और अदालतें सीमा लांघ गयीं तो दुनिया भर में उन्हें पनाह नहीं मिलेगी. एक दुष्कर्म आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने बेहद सख्त लहजे में कहा, लोकतंत्र में लोग अपने अधिकारों का गलत फायदा उठा रहे हैं. जबकि खाड़ी (मिडिल-ईस्ट) देशों की तरह इन अपराधियों के हाथ-पैर काट डालने चाहिए. जब ऐसा किया जाएगा तभी शायद ये लोग कानून का पालन करना सीखेंगे.

कर्नाटक हाई कोर्ट में जस्टिस आर. नटराज की बेंच में एक 23 वर्षीय रेप आरोपी गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी की जमानत याचिका की सुनवाी हो रही थी. इसी सुनवाई के दौरान जस्टिस नटराज ने बेहद मौखिक टिप्पणी करते हुए बेहद सख्त लजहा अपनाया।  उन्होंने कहा, “हम अपराधियों से सख्ती से नहीं निपट रहे हैं, इसी वजह से कानून ने अपने दांत खो दिए हैं. ये अपराधी ऐसा मिडिल-ईस्ट में ऐसा अपराध करके देखें. इनके हाथ-पांव काट दिए जाएंगे. अगर इनके हाथ-पैर काट दिए जाएं, तो तब इन लोगों को समझ आएगा कि कानून का पालन करना क्या चीज होता है. लेकिन हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए हर कोई इसे हल्के में लेता है.”

बता दें कि मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का छात्र गोपी रेड्डी कार्तिक रेड्डी है एक दुष्कर्म आरोपी है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी इंस्टीट्यूट में क्लासमेट थे. जुलाई 2023 में आरोपी ने प्यार का इजहार लड़की से निकटता बनाने का प्रयास किया, लेकिन लड़की ने जब उससे दूरी बनानी शुरू तक 12 सितंबर 2023 को को आरोपी ने उसकी इच्छा के खिलाफ उसका यौन उत्पीड़न किया. इस घटना से पीड़िता गहरे सदमे में आकर डिप्रेशन में चली गई. जिसका केएमसी (KMC) मणिपाल में इलाज भी चला. बाद में पीड़िता ने राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया और फिर उडुपी महिला पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 375(ए) और 376 के तहत केस दर्ज किया गया.

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