नेपाल बॉर्डर से चल रहा था नकली नोटों का खेल, STF और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने इंटरनेशनल तस्कर को दबोचा

sawan kumar

भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा करते हुए STF और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने मुख्य आरोपी दया शंकर तिवारी को गिरफ्तार किया है।<br/>जांच एजेंसियां अब भारत, नेपाल और बा

नेपाल बॉर्डर से चल रहा था नकली नोटों का खेल

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

मनीष कुमार / मोतिहारी -   भारत-नेपाल सीमा पर सक्रिय जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। मिलिट्री इंटेलिजेंस और STF की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात तस्कर दया शंकर तिवारी उर्फ सुशील तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी हरैया थाना कांड संख्या 23/26 में मुख्य वांटेड बताया जा रहा था। एजेंसियों ने उसे लंबे समय से ट्रैक कर रही थीं और आखिरकार संयुक्त ऑपरेशन के दौरान उसे दबोच लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र के खैरवा गांव निवासी दया शंकर तिवारी उर्फ सुशील तिवारी, पिता महेंद्र तिवारी के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह भारत, नेपाल और बांग्लादेश तक फैले जाली नोटों के सिंडिकेट से जुड़ा हुआ था। सूत्रों के अनुसार आरोपी सीमावर्ती इलाकों में फेक करेंसी की सप्लाई और नेटवर्क संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

भारत-नेपाल-बांग्लादेश कनेक्शन की जांच तेज

पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि नेटवर्क में कई और तस्कर, सप्लायर और स्थानीय सहयोगी शामिल हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। STF और मिलिट्री इंटेलिजेंस अब इस पूरे गिरोह की फंडिंग, सप्लाई चैन और सीमा पार कनेक्शन को खंगालने में जुटी है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

दया तिवारी का आपराधिक रिकॉर्ड भी काफी लंबा बताया जा रहा है। उसके खिलाफ मेजरगंज थाना कांड संख्या 85/23 और 301/22 समेत कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। एजेंसियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से जाली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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