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जोधपुर में वांटेड आरोपी एग्जाम देता पकड़ा गया, SOG की कार्रवाई पर उठे सवाल

Jodhpur wanted criminal held: जोधपुर में चल रही SI भर्ती परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सोमवार को सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय से फरार चल रहा एक वांटेड आरोपी परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी बनकर पहुंचा, जिसे राजस्थान SOG ने मौके से दबोच लिया। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान हुई एक बड़ी चूक ने पूरे ऑपरेशन पर दाग भी लगा दिया।

[caption id="attachment_145483" align="alignnone" width="1200"] Representative image[/caption]

वांटेड आरोपी परीक्षा देता हुआ गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक, पप्पूराम नामक आरोपी SI भर्ती परीक्षा 2021 से जुड़े मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। हैरानी की बात यह रही कि वह बिना किसी डर के जोधपुर के परीक्षा केंद्र पर सामान्य अभ्यर्थी की तरह परीक्षा देने पहुंच गया।

सूचना मिलने पर राजस्थान SOG की टीम तुरंत सक्रिय हुई और उसे परीक्षा केंद्र से हिरासत में ले लिया।

गलत अभ्यर्थी को पकड़ने से बढ़ी किरकिरी

हालांकि, इस कार्रवाई से पहले SOG की ओर से एक बड़ी चूक भी सामने आई। सुबह की पारी में पाबूपुरा एयरपोर्ट स्कूल से एक अन्य अभ्यर्थी को पप्पूराम समझकर डिटेन कर लिया गया। बाद में जांच में पता चला कि वह व्यक्ति आरोपी नहीं, बल्कि 2018 बैच का एक कांस्टेबल था। इस गलती के बाद उसे छोड़ दिया गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।

दूसरी पारी में सटीक कार्रवाई

पहली गलती के बाद SOG ने पुख्ता सूचना के आधार पर दूसरी पारी में बासनी तंबोलिया स्थित एक सरकारी स्कूल में दबिश दी। यहीं पप्पूराम परीक्षा दे रहा था। टीम ने उसे मौके से हिरासत में ले लिया और पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

पहले परीक्षा दिलवाई, फिर किया गिरफ्तार

इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि SOG ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय पहले परीक्षा पूरी करने दी। शाम करीब सवा पांच बजे परीक्षा खत्म होने के बाद उसे हिरासत में लेकर टीम जयपुर के लिए रवाना हो गई, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस मामले के पीछे किसी बड़े नकल गिरोह या संगठित नेटवर्क की संभावना तलाश रही हैं। इससे पहले भी भर्ती परीक्षाओं में इस तरह की अनियमितताओं के मामले सामने आ चुके हैं।