Shatrughan On Sonakshi Marriage: बेटी सोनाक्षी और जहीर के शादी को लेकर शत्रुघ्न सिन्हा ने तोड़ी चुप्पी!
Shatrughan On Sonakshi Marriage: बॉलीवुड के मशहूर एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने पहली बार बेटी सोनाक्षी सिन्हा और पति जहीर इकबाल के रिश्ते को लेकर बात की। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि, सोनाक्षी और जहीर एक-दूसरे के लिए ही बने हैं। उन्होंने आगे कहा - मेरे लिए परिवार की खुशी से बढ़कर है।
शत्रुघ्न ने सोनाक्षी की शादी को लेकर क्या कहा?
एक इंटरव्यू के दौरान सोनाक्षी और जहीर के रिश्ते को लेकर बात करते हुए कहा कि- "हम बहुत खुश हैं। सोनाक्षी की जो शादी हुई है, उसे देखकर लगता है मानो दोनों एक-दूसरे के लिए ही बने हैं।" साथही कहा कि, सोनाक्षी और जहीर दोनों ही एडल्ट और समझदार हैं और वे अपने फैसले खुद ले सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि-
"अगर बच्चे खुश हैं, तो मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी। हमें उनका साथ देना चाहिए। मैं पूरे दिल से और एक चट्टान की तरह उनके साथ खड़ा हूं।"
7 साल तक रिलेशन में रहीं फिर की शादी
सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने 7 साल तक एक-दूसरे को डेट किया, लेकिन अपने रिश्ते को हमेशा निजी रखा। 23 जून 2024 को 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत दोनों ने शादी कर ली। शादी से पहले कई बार दोनों को साथ देखा गया, फिर भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कभी अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की।
'स्पेशल मैरिज एक्ट' यह कानून अलग-अलग धर्मों के लोगों को बिना धर्म बदले शादी करने की अनुमति देता है।
सलमान खान के यहां हुई थी पहली मुलाकात साल 2016 में सोनाक्षी और जहीर की पहली मुलाकात सलमान खान की एक पार्टी में हुई थी। यहीं उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो समय के साथ प्यार में बदल गई। साल 2017 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। फिर शादी की।शादी के बाद उठा विवादों का तूफान
सोनाक्षी और जहीर की शादी पर सोशल मीडिया पर खूब विवाद हुआ। ट्रोलर्स ने उन्हें धर्म बदलने की सलाह दी। यहां तक कि पटना में पोस्टर लगाए गए, जिनमें लिखा था कि सोनाक्षी को बिहार में घुसने नहीं दिया जाएगा। पोस्टर में शादी को “लव जिहाद” बताया गया और इसे “मजहबी साजिश” कहा गया।
धर्म परिवर्तन का कोई दबाव नहीं? सोनाक्षी का जवाब..
कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सोनाक्षी ने शादी के बाद धर्म बदला। इस पर एक्ट्रेस ने स्पष्ट कहा –
“जहीर और मैं धर्म पर नहीं, एक-दूसरे से प्यार पर विश्वास करते हैं। न उन्होंने मुझ पर धर्म थोपा, न मैंने उन पर।”
जहीर के पिता इकबाल रतनसी ने भी कहा, “यह दो दिलों का मिलन है, धर्म का इससे कोई लेना-देना नहीं है।”