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दौसा जिले में मिड डे मील खाने से 100 से ज्यादा बच्चे बीमार, 16 की हालत गंभीर
Dausa Mid Day Meal Food Poisoning: राजस्थान के दौसा जिले में शनिवार को मिड डे मील खाने के बाद एक बड़ा हादसा सामने आया है। नांगल राजावतान उपखंड की ग्राम पंचायत चूड़ियावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 100 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
[caption id="attachment_104952" align="alignnone" width="619"] मिड डे मील खाने से 100 से ज्यादा बच्चे बीमार[/caption]
ग्रामवासियों और परिजनों के अनुसार, स्कूल में मिड डे मील के तहत रोटी और आलू की सब्जी परोसी गई थी। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों ने पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत की। स्थिति बिगड़ते ही स्कूल प्रशासन ने सूचना स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को दी।
भर्ती बच्चों का इलाज जारी[/caption]
ग्रामीण और बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंचे।[/caption]
बच्चों को फूड पॉइजनिंग[/caption]
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल में भर्ती बच्चों का इलाज जारी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, करीब 100 बच्चों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें से 16 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर बच्चों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। सूचना मिलते ही दौसा जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। [caption id="attachment_104953" align="alignnone" width="669"]Dausa Mid Day Meal Food Poisoning: ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के परिजन अस्पताल पहुंचे। ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि स्कूल में परोसे जाने वाले मिड डे मील की गुणवत्ता पर कभी ध्यान नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मिड डे मील की जांच की जाए। [caption id="attachment_104954" align="alignnone" width="683"]प्रशासनिक महकमे में हड़कंप
इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।- शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचकर जांच में जुट गए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग ने भोजन का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
- प्रशासन ने बच्चों के इलाज के लिए अतिरिक्त चिकित्सक और दवाइयों की व्यवस्था कराई है।