गुजरात

द्वारका में एक बार फिर चला दादा का बुलडोजर: भीमराना गांव में धार्मिक अतिक्रमण हटाया

Dwarka bulldozer action Bhimrana: गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक केंद्र द्वारका में एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर चला है। सोमवार को द्वारका के भीमराना गांव के तटीय क्षेत्र में अवैध धार्मिक अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच यह अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 18,200 वर्ग फुट क्षेत्र से धार्मिक संरचनाओं को हटाया गया। इसके अलावा, 2,000 वर्ग फुट चरागाह भूमि को भी मुक्त कराया गया। द्वारका एसडीएम की अगुवाई में मामलतदार, पुलिस अधिकारियों और अन्य टीमों ने मौके पर पहुंचकर यह कार्रवाई पूरी की। यह घटना क्षेत्र में भूमि अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है, जहां 'दादा' (प्रशासन) का बुलडोजर एक बार फिर सक्रिय हो गया।

[caption id="attachment_103947" align="alignnone" width="591"] द्वारका में एक बार फिर चला दादा का बुलडोजर[/caption]

सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा

भीमराना गांव द्वारका के तटीय इलाके में स्थित है, जो समुद्र तट के किनारे बसा एक शांतिपूर्ण गांव है। यहां पर वर्षों से धार्मिक संरचनाओं के नाम पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा हो गया था। प्रशासन को प्राप्त शिकायतों और सर्वेक्षण के आधार पर यह कार्रवाई तय की गई। सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। द्वारका के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने व्यक्तिगत रूप से टीम का नेतृत्व किया, जबकि मामलतदार और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने सहयोग किया। [caption id="attachment_103948" align="alignnone" width="617"] सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा[/caption]

Dwarka bulldozer action Bhimrana: धार्मिक स्थलों को हटाया

कार्रवाई के दौरान बुलडोजरों ने अवैध निर्मित संरचनाओं को ध्वस्त किया। कुल 18,200 वर्ग फुट क्षेत्र में बने धार्मिक स्थलों को हटाया गया, जो मुख्य रूप से छोटे-छोटे मंदिरों और पूजा स्थलों के रूप में विकसित हो चुके थे। इन संरचनाओं को हटाने से सरकारी भूमि मुक्त हो गई, जिसका उपयोग अब सार्वजनिक हित में किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, 2,000 वर्ग फुट की चरागाह भूमि, जो पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण थी, भी अतिक्रमण मुक्त कर दी गई। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि लंबे समय से अतिक्रमण की शिकार थी, जिससे पशु चराने में कठिनाई हो रही थी। [caption id="attachment_103949" align="alignnone" width="615"] द्वारका एसडीएम[/caption] प्रशासन ने कार्रवाई से पहले प्रभावित पक्षों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर यह कदम उठाया गया। एसडीएम ने बताया कि यह अभियान भूमि संरक्षण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर रखा था, और किसी प्रकार की हिंसा या विरोध की कोई घटना नहीं हुई।