हिमाचल प्रदेश

RDG बंदज होने पर CM सुक्खू का बयान, बोले - हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार

CM Sukhu RDG Statement: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान समाप्त करने के बावजूद राज्य सरकार की पुरानी पेंशन योजना और सभी प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं पूर्व की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपने संसाधनों से जनता के अधिकारों और हितों की हर हाल में रक्षा करेगी।

CM सुक्खू का बयान

दिल्ली रवाना होने से पहले अनाडेल हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत करते हुए CM सुक्खू ने कहा कि यदि BJP सत्ता में होती, तो OPS को हटाकर यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू कर दी जाती। जिससे सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा समाप्त हो जाती। एक साधारण परिवार से आने के कारण वे आम लोगों की परेशानियों को भली-भांति समझते हैं और उनके हितों से सरकार कभी भी समझौता नहीं करेगी।

CM Sukhu RDG Statement: ‘हर साल करोड़ों का नुकसान’

CM सुक्खू ने कहा वित्तीय प्रबंधन भले ही वित्त विभाग देखता हो, लेकिन राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य संसाधनों को मजबूत करना और विकास को गति देना है। CM ने BJP से जनता को गुमराह करने के बजाय केंद्र सरकार से राज्य के अधिकारों की लड़ाई में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाला RDG राज्यों के राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए दिया जाता है। हर साल लगभग 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के बजट पर गंभीर असर डालेगा।

‘केंद्र सरकार का सौतेला व्यवहार’ 

RDG समाप्त किए जाने को प्रदेश के प्रति केंद्र सरकार का ‘सौतेला व्यवहार’ बताया और कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हिमाचल एक राजस्व घाटा राज्य बना रहेगा। RDG की बहाली के लिए प्रधानमंत्री मोदी से भेंट करेंगे और राज्य के हक के लिए हर मंच पर लड़ाई लड़ेंगे।