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रांची/डेस्क: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है. संसद के मानसून सत्र से पहले परम्परा के अनुसार रविवार को सर्वदलीय बैठक आहूत की गई थी. लेकिन इस सर्वदलीय बैठक में बड़ी ही रोचक स्थिति देखने को मिली. सर्वदलीय बैठक में विपक्ष तो पहुंचा, लेकिन जैसे ही वहां पर टीएमसी के बागी सांसदों को देखा उसे इस बात का अहसास हो गया कि अब वाकई में उसकी ताकत घट गई है. इसलिए जैसे ही उसने बाकी सांसदों को सर्वदलीय बैठक में देखा, भड़क उठा और वह बैठक का बहिष्कार करते हुए वाकआउट कर गया.
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी थी. मगर सर्वदलीय बैठक की शुरुआत विपक्ष के वॉकआउट से हुई. वॉकआउट को विपक्ष का कहना है कि वह संविधान बचाने के लिए ऐसा कर रहा है. दरअसल, विपक्ष मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं को देखकर भड़का था. यानी उसे इस बात का एहसास हो गया कि अब वाकई में उसकी ताकत बहुत घट गई है. बता दें कि 20 टीएमसी सांसदों ने पाला बदल कर एनसीपीआई जॉइन कर ली है और एनसीपीआई ने एनडीए को समर्थन करने का फैसला किया है. बता दें कि तथाकथित बागी 20 सांसदों के विलय को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है. अयोग्यता से जुड़ी 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं.
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए बुलाई गई बैठक से TMC, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आया.
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