Photo Gallery: लीची के मामले में भारत पीछे, इस देश का दुनिया भर में बजता है डंका

Mansi Kumari

लीची दुनिया के सबसे लोकप्रिय फलों में से एक है, जिसकी सबसे ज्यादा खपत एशियाई देशों में होती है. इसके मीठे स्वाद और रसदार गूदे की वजह से इसकी मांग अब दुनिया के कई देशों में तेजी से बढ़ रही है. आमतौर पर भारत में लोग मानते हैं कि बिहार के मुजफ्फरपुर में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने के कारण भारत लीची उत्पादन में नंबर-1 होगा, लेकिन हकीकत इससे अलग है. 
 

दुनिया में लीची उत्पादन के मामले में चीन सबसे आगे है और इस फल की खेती पर उसका दबदबा कायम है. चीन न केवल सबसे अधिक लीची पैदा करता है, बल्कि उन्नत खेती तकनीकों और विशाल उत्पादन क्षेत्र के कारण वैश्विक बाजार में भी उसकी मजबूत पकड़ है. आइए जानते है कि आखिर लीची उत्पादन में चीन भारत से कैसे आगे निकल गया.
 

लीची उत्पादन में चीन दुनिया का नंबर-1 देश है. यहां हर साल 25 लाख मीट्रिक टन से अधिक लीची का उत्पादन होता है. अनुकूल जलवायु, विशाल खेती क्षेत्र और आधुनिक कृषि तकनीकों की बदौलत चीन लंबे समय से वैश्विक लीची उत्पादन में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है.


 

लीची उत्पादन में चीन की बादशाहत कई वर्षों से कायम है. भारत इस सूची में दूसरे स्थान पर है, जबकि वियतनाम, थाईलैंड और बांग्लादेश इसके बाद आते है. विशेषज्ञों के अनुसार चीन की सफलता का मुख्य कारण वहां की अनुकूल उपोष्णकटिबंधीय जलवायु, उपजाऊ भूमि, आधुनिक खेती तकनीक और मजबूत कृषि ढांचा है, जो घरेलू के साथ-साथ वैश्विक मांग को भी पूरा करने में सक्षम है.
 

भारत में बिहार का मुजफ्फरपुर लीची उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है. यहां की प्रसिद्ध ‘शाही लीची’ अपने मीठे स्वाद, बेहतरीन खुशबू, रसीले गूदे और बड़े आकार के लिए देश-विदेश में मशहूर है. यही वजह है कि भारतीय लीची की कई देशों में भारी मांग रहती है.
 

भारतीय लीची की मांग केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. अमेरिका, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात इसके प्रमुख खरीदार है. इसके अलावा कनाडा, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड, सिंगापुर और मलेशिया जैसे कई देश भी भारत से बड़ी मात्रा में लीची आयात करते है.