अब ईरान में होने जा रहा 'खेला', IRGC के साथ सत्ता की भीषण जंग शुरू, तख्तापलट की आहट के बीच राष्ट्रपति ने सौंपा इस्तीफा!

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न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच  युद्ध के बीच एक नई कहानी सामने आ रही है. वह है- ईरान में तख्ता पलट की आहट. पश्चिम एशिया की राजनीति में ये हालात बने हैं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की वजह से. हालात इतने बिगड़ गये हैं कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने अपना इस्तीफा देश के सुप्रीम लीडर के कार्यालय को भेज दिया है. हालांकि इस खबर की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ईरान के हालात बिगड़ चुके हैं, यह निश्चित तौर पर कहा जा सकता है, ईरान के भीतर बिगड़े इस हालात ने पूरे अंतरराष्ट्रीय हलकों में खलबली मचा दी है.

राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने इस्तीफा दिया है या नहीं, अगर दिया भई है तो उनका इस्तीफा स्वीकार होता है या नहीं, यह तो बाद में स्पष्ट होगा, लेकिन ईरान में सत्ता संघर्ष का बता रहा है कि देश के आंतरिक हालात सही नहीं हैं. 

फिर भी ईरान की आंतरिक राजनीति से जो खबरें बाहर आ रही हैं, वह बता रही हैं कि पेजेशकियन ने रविवार को भेजे अपने इस्तीफे के साथ पत्र में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि राष्ट्रपति और उनकी चुनी हुई सरकार को नीतिगत फैसले तक लेने नहीं दिया जा रहा है. जैसे कि उन्हें इन अधिकारों से वंचित कर दिया गया है. वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाने में असमर्थ हैं. जब उनके पास शासन चलाने की कोई वास्तविक शक्ति नहीं बची है, तो इससे बेहतर है कि वह इस्तीफा दे दें. राष्ट्रपति का यह पत्र बताता है कि प्रशासनिक गतिरोध अपने अंतिम चरम पर पहुंच गया है और इसकी वजह है आईआरजीसी. 

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ईरान में शक्तिशाली है, इसमें कोई दो राय नहीं है. पेजेशकियन ने भी यह आरोप लगाया है कि IRGC के कट्टरपंथी धड़ों ने शासन के महत्वपूर्ण हिस्सों को अपने नियंत्रण में ले लिया है. इसी का नतीजा है कि सैन्य और सुरक्षा एजेंसियां ने राष्ट्रपति के अधिकारों को सीमित कर दिया है. 

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