उधरअमेरिका का ईरान पर फिर बरपा कहर, इधर भारत फिर हुआ चिंतित, क्या फिर छाने वाला है ऊर्जा संकट?

Pramod Kumar,News11 Bharat,

ईरान के बुशहर-चाबहार समेत कई शहरों में अमेरिका बरसा रहा गोले, रेलवे पुल को भी नहीं बख्शा

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं. ईरानी शहरों बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक और कोनारक समेत कई शहरों को अमेरिका लगातार निशाने बना रहा है. अमेरिका ने उत्तरी ईरान के अक्काला के पास एक रेलवे पुल को भी उड़ा दिया है. अमेरिका फिर किए जा रहे हमलों के बाद एक बार फिर ऊर्जा संकट गहरा गया है. इन हमलों के बाद भारत की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है.  ईरान पर फिर किए जा रहे हमलों को लेकर अमेरिकी सेना का कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री यातायात के लिए खुला रखने के ये हमले कर रहा है. 
अमेरिकी हमलों का ईरान  ने भी जवाब दिया है. ईरान ने खाड़ी देशों के में मौजूद अमेरिकी अड्डों पर हमले किए हैं. अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. 

ईरान पर फिर से किए गए हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्पने कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम समझौता खत्म हो गया है. मैं ईरानियों से निपटना नहीं चाहता. उनका नेतृत्व बीमार लोग कर रहे हैं और वे क्रूर, हिंसक लोग हैं.

इधर अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुए संघर्ष के बाद ऊर्जा संकट को लेकर भारत फिर से सतर्क हो गया है. इसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिखा है. दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, तो भारत के शेयर बाजार भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. बुधवार को सेंसेक्स 500-600 अंक तक नीचे चला गया. कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में छह प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो गई.  अमेरिका के नए सैन्य हमलों से एक बार फिर पश्चिम एशिया से तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है. विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार देर रात एक बयान जारी किया है. उनके अनुसार, भारत पश्चिम एशिया के ताजा हालात से बहुत चिंतित है. ये घटनाएं क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकती हैं.

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