न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: NEET पेपर लीक पर रोज-रोज बवाल मचा हुआ है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐलान किया है कि पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई केरेगी. केंद्र सरकार के अनुसार, सुनवाई नए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024 के तहत होगी. फास्ट ट्रैक पर सुनवाई 4 राज्यों में होगी. यानी अगर कोर्ट में आरोपियों का दोष सिद्ध हो गया, तो उनकी शामत आना तय है. हालांकि विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी की इस घोषणा से संतुष्ट नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले में के शीघ्र निबटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्दसजा दिलायी जा सके. पीएम मोदी की घोषणा के बाद 4 राज्यों में फास्ट ट्रैक कोर्ट चलाये जाने की तैयारियों में जुट गई है. मामले में जांच और ट्रायल में देरी न हो इसलिए सुनवाई रोज के आधार पर होगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि देश के युवाओं का कल्याण और उनका उज्ज्वल भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी बात कही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को त्वरित और सख्त सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया है। मोदी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह निर्णय छात्रों के हितों की रक्षा के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी और उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी की इस घोषणा से विपक्ष फिर भी संतुष्ट नहीं है. पीएम के पोस्ट पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पलटवार किया है. राहुल गांधी ने उनके रीट्वीट करते हुए कहा, “आप ही वो व्यक्ति हैं जिन्होंने हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है.
यह भी पढ़ें: NEET पेपर लीक मुद्दे पर केन्द्र सरकार बहस को तैयार, सभी दलों से चर्चा के बाद तय होगी बहस की तिथि