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पंजाब/डेस्क: बाढ़ से प्रभावित पंजाब के किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने बर्बाद हुई फसल के बदले किसानों को 20,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा देने का ऐलान किया है. यह देश में अब तक की सबसे बड़ी मुआवजा राशि मानी जा रही है, जिसे किसी राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के लिए घोषित किया हो.
पंजाब कैबिनेट का ऐतिहासिक निर्णय
कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई, जिसमें एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, अब बाढ़ के कारण खेतों में आई रेत को किसान खुद बेच सकेंगे. "जिसका खेत, उसकी रेत" योजना को सरकार ने मंजूरी दे दी है, जिससे किसानों को खनन (माइनिंग) का अधिकार मिलेगा. यह योजना न सिर्फ किसानों को आर्थिक सहारा देगी, बल्कि अवैध रेत खनन पर भी रोक लगाने में सहायक होगी.
मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद अस्पताल में भर्ती
खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कैबिनेट बैठक में शामिल हुए और इन महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी. मुख्यमंत्री मान पिछले तीन दिनों से खराब स्वास्थ्य के चलते अस्पताल में भर्ती हैं. सरकार के इन फैसलों से प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचने की उम्मीद है और किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर मिलेगा.
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