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रांची/डेस्क: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से जोरदार संघर्ष शुरू हो चुका है. अमेरिका ईरान के ऊपर एक के बाद एक नए और बड़े हमले कर रहा तो वहीं जवाब में ईरान खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका ठिकानों को निशाना बना रहा है शनिवार देर रात अमेरिका ने ईरान के 5 शहरों पर बमबारी की है. बताया जा रहा है कि ईरान के इन ठिकानों में उसका परमाणु सुविधा वाला शहर बुशहर भी शामिल है. लेकिन जवाब देने में ईरान भी पीछे नहीं है. उसने कतर, बहरीन और जॉर्डन समेत कई देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. इन हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद हो गया है. इधर अमेरिका और ईरान के बीच झकझूमर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने आपको सबसे बड़ा मध्यस्थ मानने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हालत पतली हो गई है.
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने जानकारी दी कि ईरान के बुशहर और असलूयेह में विस्फोट हुए हैं. ईरान के चाबहार के पास भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. केशम द्वीप से भी धमाकों की खबर आई है. बंदर अब्बास में 3 और सिरिक में 2 विस्फोट हुए है.
वहीं ईरान ने कतर, बहरीन समेत कई देशों पर मिसाइलें दागी हैं. IRGC ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. कतर को भी निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई हैं. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी हमले हुए हैं वहीं, बहरीन में लगातार सायरन बज रहे हैं.
आखिरकार पाकिस्तान की क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिका और ईरान उत्पन्न तनाव के हालात से मध्यस्थ बने फिर रहे पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है. उसने अपनी तरफ से शांति वार्ता को पुनः बहाल करने का प्रयास शुरू कर दिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी वार्ता की और व्याप्त तनाव पर गहरी चिंता प्रकट की. शरीफ ने जोर दिया कि शांति और स्थिरता बहाल करना समय की मांग है. शरीफ ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से भी संपर्क किया और वार्ता की प्रक्रिया फिर शुरू करने का आग्रह किया.
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