प्रधानमंत्री ने असम के हरगिला पक्षी का क्यों किया जिक्र? कभी अशुभ माना जाता था यह पक्षी, आज पर्यावरण के लिए हो गया अहम

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गिद्ध की तरह यह भी है कुदरती सफाई कर्मी, और भी हैं कई खासियतें

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने मासिक आकाशवाणी कार्यक्रम में  एक बार फिर देश की जनता से फिर रूबरू हुए. अपने मन की बात और कई जानकारियों के साथ उन्होंने असम के एक पक्षी का भी जिक्र किया.असम में पाए जाने वाले इस पक्षी का नाम है- ‘हरगिला’. ‘हरगिला’ एक दुर्लभ पक्षी है. ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है. लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था. लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे. कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसलें बने होते थे.

सोचिए, एक ऐसा पक्षी जो पर्यावरण की सफाई में मदद करता है, वही ‘हरगिला’ लोगों के डर का शिकार बन गया था. इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा. उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया. उन्होंने महिलाओं से बात की, उन्होंने लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया, धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुडने लगीं. फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ. जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गांवों की पहचान बनने लगा. हजारों ग्रामीण महिलाएं ‘हरगिला’ को बचाने के लिए आगे आईं - आज उन्हें ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जाना जाता है. इन महिलाओं ने समाज के साथ संघर्ष भी किया. समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे. उन्होंने दिखाया है जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है. 2017 में असम सरकार ने हरगिला को राज्य पक्षी घोषित किया है.

हरगिला पक्षी की खासियत

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