सीएम भजनलाल शर्मा और गहलोत के बीच तीखी नोकझोंक
भजनलाल शर्मा गहलोत नोकझोंक: साल 2025 राजस्थान की राजनीति के लिए "जुबानी जंग" का साल साबित हुआ. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अरावली की रक्षा, प्रशासनिक मुद्दों और भविष्य की योजनाओं को लेकर ऐसे कई बयान आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच तीखी बयानबाजी ने साल भर सुर्खियां बटोरीं, जबकि अन्य नेताओं के विवादास्पद कथनों ने राजनीतिक माहौल को और गर्माया.
Also Read-सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश पर लगाई रोक, अरावली में 21 जनवरी तक नहीं होगा खननभजनलाल शर्मा गहलोत नोकझोंक: अरावली को माइनिंग माफियाओं के हाथों बेचने की साजिश
दिसंबर में गहलोत का बयान सबसे ज्यादा वायरल हुआ, जब उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर अरावली को माइनिंग माफियाओं के हाथों बेचने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "सरकार 100 मीटर का नया क्राइटेरिया लाकर अरावली को माइनिंग माफियाओं के हाथों बेचने की सोची-समझी साजिश रच रही है. यह राजस्थान के भविष्य के साथ खिलवाड़ है."
Also Read-सीएम भजनलाल शर्मा बोले-अरावली को लेकर अभियान चलेगा"पंडित भजनलाल जी हमें सूट करते हैं"
गहलोत ने एक और तंज कसा, जब उन्होंने कहा, "पंडित भजनलाल जी हमें सूट करते हैं, हम चाहते हैं कि वे अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करें. लेकिन उनके ही अपने लोग उन्हें हटाने की साजिश रच रहे हैं." इस बयान ने भाजपा के अंदरूनी कलह की अफवाहों को हवा दी है
Also Read-Rajasthan CM statement on Aravalli: सीएम शर्मा का कांग्रेस पर हमला, अरावली से छेड़छाड़ नहीं होने देंगेगोविंद सिंह डोटासरा
विधानसभा सत्र में गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार के मंत्री तो फाइलें दबाकर बैठे हैं, अब राज्यपाल महोदय को जिलों में जाकर समीक्षा बैठकें करनी पड़ रही हैं. यह सरकार की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है." इस बयान ने संवैधानिक मर्यादा और ब्यूरोक्रेसी पर सरकार की पकड़ को लेकर तीखी चर्चा छेड़ दी.
Also Read-Pashupatinath Mandir MP: मंदसौर में है एकमात्र अष्टमुखी पशुपतिनाथ मंदिर!गहलोत और शर्मा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
मार्च में एआई को लेकर गहलोत और शर्मा के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग भी काफी चर्चित रही. गहलोत ने ट्वीट किया, "AI 'नॉलेज इज पावर' के सिद्धांत को मजबूत कर रहा है, यह बिना भेदभाव के जानकारी देता है." इसका संकेत सरकार की ओर था. जवाब में शर्मा ने गहलोत के पुराने वादों और एमएसपी पर विरोध के ट्वीट्स को री-शेयर कर कहा कि जनता को असली इंटेलिजेंस चाहिए, सिर्फ डिजिटल नहीं