पश्चिम बंगाल के फलत्या थाने पर टीएमसी नेता जहांगीर खान को छुड़ाना चाहते थे, पुलिस ने हमला करने वालों को कडा दंड दिया जा रहा है
पश्चिम बंगाल के फलता थाना क्षेत्र में टीएमसी नेता जहांगीर खान को छुड़ाने के लिए थाने पर हमले की कोशिश के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने साफ कहा है कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ उनकी संपत्तियां भी जब्त कर नीलाम की जाएंगी।
थाने पर हमले के मामले में 8 गिरफ्तार
दक्षिण 24 परगना जिले के फलता में आयोजित एक जनकल्याण शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने जहांगीर खान की गिरफ्तारी के विरोध में थाने का घेराव और सुरक्षाबलों से टकराव की कोशिश की थी।
जहांगीर खान की पत्नी पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि भीड़ को संगठित करने में जहांगीर खान की पत्नी की कथित भूमिका रही। प्रशासन का दावा है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को छुड़ाने के लिए सुनियोजित तरीके से भीड़ जुटाई गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं टीवी फुटेज में देखा कि एक माफिया की पत्नी के नेतृत्व में भीड़ ने कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की।
'कानून हाथ में लेने वालों को मिलेगी कड़ी सजा'
मुख्यमंत्री ने मंच से ही पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य विरोधी गतिविधियों और सुरक्षाबलों पर हमले के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कठोर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि सजा ऐसी होनी चाहिए कि भविष्य में कोई भी पुलिस, सरकारी कर्मचारियों या अर्धसैनिक बलों पर हमला करने का साहस न कर सके।