विरेन्द्र शर्मा/न्यूज11 भारत
बरही/डेस्क: चौपारण थाना क्षेत्र के रैंबो करमा गांव में अंधविश्वास की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है. प्रवीण रविदास के 12 वर्षीय पुत्र ऋषि कुमार उर्फ श्रेय कुमार रविदास की सांप के काटने से मौत हो गई. अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजनों ने तांत्रिक के झांसे में आकर 12 घंटे तक शव को जीवित करने का प्रयास किया.
सुबह 3:30 बजे घर में सोते वक्त डसा
घटना 27 जून 2026 की सुबह करीब 3:30 बजे की है. ऋषि कुमार अपने घर में सो रहा था, तभी जहरीले सांप ने उसे डस लिया. जहर पूरे शरीर में फैल गया. परिजन तुरंत उसे कोडरमा सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल, बरही लाया गया, वहां भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की.
तांत्रिक के दावे पर 12 घंटे किया इंतजार
डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन अंधविश्वास में फंस गए. एक कथित तांत्रिक ने 12 घंटे में बच्चे को जीवित करने का दावा किया. इसके बाद शव को गोबर और गौमूत्र में लपेटकर तंत्र-मंत्र किया गया. पूरा गांव दुआएं करता रहा, लेकिन 12 घंटे बाद भी कोई चमत्कार नहीं हुआ. अंततः तांत्रिक ने भी हाथ खड़े कर दिए.
देर रात किया गया अंतिम संस्कार
तांत्रिक के दावा वापस लेने के बाद देर रात बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया. आज मृतक बच्चे को दफनाया गया.
जागरूकता की जरूरत
यह घटना अंधविश्वास के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है. सांप के काटने पर तंत्र-मंत्र नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें. समय पर वैज्ञानिक इलाज और एंटी-वेनम ही जान बचा सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद न करें. ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि क्षेत्र में अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाए.
यह भी पढ़ें: नाबालिग का यौन शोषण करने के आरोपी मो. साजिद को 10 साल की सजा, लगाया गया 30 हजार रुपए का जुर्माना