मोहर्रम पर बरवाडीह में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, गूंजे 'या हुसैन' के नारे

Pramod Kumar,News11 Bharat,

अखाड़ा कलाकारों ने लाठी, तलवार और पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए

प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत

बरवाडीह/डेस्क:  मोहर्रम पर्व के अवसर पर बरवाडीह प्रखंड में शुक्रवार को गहरी आस्था, श्रद्धा और भाईचारे का अनूठा संगम देखने को मिला. क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों एवं गांवों से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आकर्षक ताजिए और अखाड़े निकाले गए. "या अली" और "या हुसैन" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा, वहीं बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुलूस में शामिल होकर इमाम हुसैन की शहादत को याद किया. जुलूस के दौरान अखाड़ा कलाकारों ने लाठी, तलवार और पारंपरिक युद्धकला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. विभिन्न स्थानों पर ताजियों का स्वागत किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं.

मोहर्रम जुलूस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे.  मोहर्रम के इस अवसर पर बरवाडीह में सांप्रदायिक सौहार्द, आपसी प्रेम और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली. सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग करते हुए पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न कराया.

यह भी पढ़ें: NH-19 पर  ट्रक की चपेट में आया साइकिल सवार नींबू विक्रेता, मौके पर ही हुई मौत, पुलिस ने ट्रक को किया जब्त