कुडू थाना में लगा जनता दरबार, भूमि विवादों की रही भरमार, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का एसपी ने दिया निर्देश

Pramod Kumar,News11 Bharat,

'सीओ की रिपोर्ट के बिना जमीन मामलों में पुलिस हस्तक्षेप नहीं करे, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई'

न्यूज11  भारत

कुड़ू/डेस्क: आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा पुलिस-प्रशासन और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कुडू थाना परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में पुलिस अधीक्षक लोहरदगा सादिक अनवर रिजवी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रद्धा केरकेट्टा, पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर आजाद, अंचलाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष उरांव, थाना प्रभारी अजित कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. जनता दरबार में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, अनुकंपा नियुक्ति तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़े आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए. सबसे अधिक मामले भूमि विवाद से संबंधित रहे. इस पर एसपी सादिक अनवर रिजवी ने चिंता जताते हुए कहा कि अधिकांश जमीन विवाद पारिवारिक प्रकृति के हैं, जिन्हें आपसी समझदारी और संवाद से सुलझाया जा सकता है.

जनता दरबार मे सामने आए प्रमुख मामले

दरबार में जोजरो की प्यारी उरांव, कुडू के बृजकिशोर प्रसाद, लवागाई की जहिमन बीबी, छोटकी चापी के अख्तर अंसारी समेत करीब डेढ़ दर्जन भूमि विवाद के मामले सामने आए. वहीं जिलिंग गांव के चननु महतो द्वारा पुत्र अशोक महतो को संपत्ति से बेदखल करने, जोजरो निवासी एतवा उरांव के पुत्र की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े विवाद तथा जिलिंग की अमृता कुमारी द्वारा पति प्रह्लाद प्रजापति पर दूसरी शादी कर भरण-पोषण नहीं देने के आरोप सहित कई मामलों पर भी सुनवाई हुई. इस दौरान आजसू नेता गुडु लाल ने आवेदन की रिसीविंग नहीं दिए जाने की शिकायत की. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने संबंधित कर्मियों को फटकार लगाई और सभी आवेदनों की अनिवार्य रूप से रिसीविंग देने का सख्त निर्देश दिया. जनता दरबार में प्राप्त कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एसपी श्री रिजवी ने कहा कि प्रशासन जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक मामले का निष्पक्ष और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अंचलाधिकारी की रिपोर्ट के बिना भूमि विवाद के मामलों में पुलिस किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगी. यदि कोई पुलिसकर्मी इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इनकी रही उपस्थिति.

जनता दरबार में प्रमुख, उपप्रमुख ऐनुल अंसारी, पुअनि सुनील कुमार, राकेश प्रसाद, सअनि संजय कुमार, सुनील सिंहा, मनोज यादव, लवकुश सिंह, सद्दाम अंसारी, रामकुमार ठाकुर, सबिरुद्दीन अंसारी, मेंस एसोसिएशन के मंत्री मुरारी कुमार, अंजू कुमारी, देवराज मोची, उदय यादव, राजू राम, मुखिया ललिता उरांव, गुडु लाल, हफीजुल अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

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