मुखिया की पहल पर प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, भीख मांगने वाले एवं निराश्रित बच्चों की होगी पहचान

Ark Sahuliyar

जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले में भीख मांगने वाले एवं निराश्रित बच्चों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है

न्यूज़11 भारत 
भुरकुंडा/डेस्क:
भदानी नगर के चोरघरा पंचायत मुखिया रामनारायण कुमार द्वारा उपायुक्त, रामगढ़ को भेजे गए प्रस्ताव के बाद जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले में भीख मांगने वाले एवं निराश्रित बच्चों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

ज्ञात हो कि मुखिया रामनारायण कुमार ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद से रामगढ़ जिले में निराश्रित एवं भीख मांगने वाले बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय सह पुनर्वास एवं शिक्षा केंद्र (Residential School-cum-Rehabilitation Centre) की स्थापना का प्रस्ताव उपायुक्त को भेजा था. उक्त प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, रामगढ़ ने संबंधित विभागों एवं संस्थाओं, जैसे चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देश जारी किया है कि जिले में भीख मांगने वाले एवं निराश्रित बच्चों की पहचान कर तीन दिनों के भीतर सूची उपलब्ध कराई जाए.

मुखिया रामनारायण कुमार ने कहा कि समाज के ऐसे बच्चों को केवल भोजन या आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षित आवास, स्वास्थ्य सुविधा, परामर्श एवं कौशल विकास उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई के लिए उपायुक्त एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि सर्वेक्षण पूर्ण होने के बाद इस महत्वाकांक्षी योजना को DMFT के माध्यम से स्वीकृति प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पहल सफल होने पर रामगढ़ जिला बाल संरक्षण एवं पुनर्वास के क्षेत्र में पूरे झारखंड के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है.