सोशल ऑडिट में नियमों की अनदेखी का आरोप, JPSS ने जताई गंभीर आपत्ति

Ark Sahuliyar

संघ ने सोशल ऑडिट प्रक्रिया की राज्य स्तर पर पुनः समीक्षा कराने की मांग की है.

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
झारखंड प्रगतिशील शिक्षक संघ (JPSS) ने राज्य के विभिन्न जिलों में निजी एजेंसियों/एनजीओ के माध्यम से संचालित विद्यालयों की सोशल ऑडिट प्रक्रिया में निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों की कथित अनदेखी पर गंभीर आपत्ति जताई है. संघ ने सोशल ऑडिट प्रक्रिया की राज्य स्तर पर पुनः समीक्षा कराने की मांग की है.

संघ का आरोप है कि गढ़वा, पलामू, लातेहार, रांची समेत कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि विद्यालयों द्वारा विभागीय निर्देशों के अनुसार आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद सोशल ऑडिट टीम द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से इतर अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की जा रही है. कई मामलों में पर्याप्त तथ्य एवं साक्ष्य के बिना विद्यालयों के विरुद्ध आपत्तियां एवं आरोप दर्ज किए जाने की भी शिकायत है.

JPSS के अनुसार सोशल ऑडिट की प्रक्रिया ग्राम सभा आधारित है, जिसमें ग्राम सभा की सहभागिता एवं निर्णय को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. संघ का कहना है कि कई स्थानों पर ग्राम सभा की अनुमति, सहभागिता और निर्णय के बिना ही मामलों को प्रखंड स्तरीय हियरिंग के लिए भेजा जा रहा है. वहीं, विद्यालय स्तर पर गठित Social Audit Facilitation Team (SAFT) से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक विचार-विमर्श नहीं किए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं.

संघ ने आरोप लगाया कि कई विद्यालयों में सोशल ऑडिट के दौरान सामने आई आपत्तियों पर ग्राम सभा को अपना पक्ष रखने अथवा आपत्तियों को स्वीकार या अस्वीकार करने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है. इसके अलावा शिक्षकों पर नियमों की स्पष्ट जानकारी दिए बिना अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने का दबाव बनाए जाने की शिकायत भी सामने आई है.

विशेष रूप से गढ़वा जिले में शिक्षकों एवं विद्यालयों के कथित सार्वजनिक उत्पीड़न, अनावश्यक दबाव तथा नियमों से परे कार्रवाई की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग संघ ने की है.

JPSS के प्रदेश अध्यक्ष आनंद किशोर साहु एवं प्रदेश महासचिव बलजीत कुमार सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि सोशल ऑडिट का उद्देश्य विद्यालयों में पारदर्शिता, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना है. इसका उद्देश्य शिक्षकों या विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों का अनावश्यक उत्पीड़न करना नहीं है.

संघ ने राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि सोशल ऑडिट की पूरी प्रक्रिया की राज्य स्तर पर समीक्षा कर सभी जिलों में एक समान एवं नियमसम्मत प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए. साथ ही ग्राम सभा के अधिकारों की रक्षा, SAFT की भूमिका का सम्मान तथा पर्याप्त साक्ष्य के बिना किसी शिक्षक या विद्यालय के विरुद्ध प्रतिकूल कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की गई है.

संघ ने कहा कि जहां-जहां सोशल ऑडिट में अनियमितता, मनमानी, पद के दुरुपयोग अथवा शिक्षकों के उत्पीड़न की शिकायतें मिली हैं, वहां उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए.