कोयला चोरी पर अमित शाह ने की भौं टेंढ़ी, झारखंड समेत सभी राज्यों में ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’का दिया आदेश

Pramod Kumar,News11 Bharat,

अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टेक्नोलॉजी के अधिक उपयोग पर भी बल

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: झारखंड समेत तमाम कोयला खनन करने वाले राज्यों में हो रही कोयला चोरी पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अपनी नजर टेढ़ी कर ली है. अमित शाह ने कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ रविवार को नई दिल्ली में अवैध कोयला खनन और कोयले की चोरी की स्थिति की समीक्षा की  बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय कोयला सचिव, कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. बैठक में धनबाद और आसपास के इलाकों में अवैध कोयला खनन और चोरी से बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई गई. साथ ही अवैध खनन और कोयला चोरी को कैसे नियंत्रित किया जाए इस पर चर्चा के साथ आधुनिक तरीकों से इसे रोकने के कई निर्देश भी दिए गए जिसमें हाई रिजोल्यूशन वाले कैमरों का इस्तेमाल किए जाने की भी बात कही गई.

गृह मंत्रालय द्वारा सीआईएसएफ और कोल इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों को ‘खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957’ के तहत कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई. जिसके तहत उन्हें यह अधिकार दिए गये-

‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ पर होगा काम

अमित शाह ने कहा कि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अवैध खनन और कोयले के अनधिकृत परिवहन पर व्यापक एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि एमएमडीआर अधिनियम के तहत मिले अधिकारों का उपयोग मंजूर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सख्ती और बेहतर समन्वय के साथ किया जाना चाहिए. इसके साथ ही कोयला मंत्रालय और सीआईएसएफ की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की शाह ने सराहना भी की.

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उपाय

अमित शाह ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीआईएसएफ की तैनाती के लिए कोयला क्षेत्र को प्राथमिकता वाली सूची में शामिल किया जाए, ताकि संवेदनशील इलाकों में जरूरत के अनुसार तुरंत जवान तैनात किए जा सकें. उन्होंने सीआईएसएफ को ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ गठित करने और संवेदनशील क्षेत्रों में बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए, ताकि सूचना मिलने पर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जा सके.

गृह मंत्री ने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टेक्नोलॉजी के अधिक उपयोग पर भी बल दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि अवैध खनन गतिविधियों में शामिल क्षेत्रों और लोगों की पहचान के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों का प्रभावी उपयोग किया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वैध कोयला खनन गतिविधियों के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है. 

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