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रांची/डेस्क: मेदिनीनगर सदर प्रखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में बकरीद पर्व शांति व सौहार्द के साथ मनाई गई. बकरीद को लेकर अकीदत के साथ मुस्लिम धर्मावलंबियों ने सुबह 07:30 बजे नमाज अदा की. जामा मस्जिद तेलियाबांध, भाीमगाड़ा, कौड़िया मस्जिद, भाुसही मस्जिद, पोखराहा मस्जिद, सारजा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई. पर्व को लेकर लोग मस्जिदों में सुबह से ही जुटने लगे थे . इधर बकरीद के नमाज अदा करने के दौरान सदर थाना प्रभाारी अफजल अंसारी के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर पुलिस चौकस थी. सभाी मस्जिदों के पास सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किये गये थे.
उन्होंने लोगों से शांतिपूर्ण व भााईचारे के साथ पर्व मनाने के लिए लोगों को बधाई दी. इस मौके पर मो अली अंसारी, हाजी सुलेमान मास्टर, कलाम अंसारी, ताहिर अंसारी, आबिद अंसारी, अब्दुल सईद अंसारी, आजम अंसारी, दिलशाद अंसारी, सलमान अंसारी समेत काफी संख्या में लोगों ने नमाज अदा कर गले मिलकर बकरीद पर्व की मुबारकवाद दिया. बकरीद पर्व अमन व शांति की पैगाम देती है. साढ़े चार हजार वर्ष पहले इब्राहिम अली सलाम अल्लाह के रजा के लिए अपने बेटे को कुर्बान कर रहे थे. अल्लाह ने कुर्बानी को कुबूल फरमाया और इंतहान में कामयाब हुए. खतीबो इमाम जामा मस्जिद नूरी चियांकी तेलियाबांध के मौलाना शाहिद रजा ने मेंबर से दिनी पैगाम दिये. आपस में इख्तेहार व मिल्लत के पैगाम दिये.
उन्होंने कहा कि इब्राहिम अली सलाम को बादशाह नमरूद ने आग में डाला लेकिन अल्लाह ने इब्राहिम अली सलाम के लिए आग को गुलजार बना दिया. इब्राहिम अली सलाम अपने सबसे प्यारी चीज वतन छोड़ा और अपने माल की कुर्बानी दी. साथ ही अपनी जान की भाी बाजी लगायी और बेटे इस्माइल की कुर्बानी दी. ये सारे पैगाम मौलाना शाहिद रजा ने दी. इसके बाद वाजिब नमाज पढ़ी गई. सलातो सलाम के बाद मुसाफा किये और गला मिले. नमाज से पारिग होकर एक दूसरे को सेवईयां खाये और खिलाये साथ ही कुर्बानी का रूक्न अदा किया गया.
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