न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: बोकारो ट्रेज़री अवैध निकासी मामले के मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडे को जमानत देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है. सीआईडी की विशेष कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी. मामला बोकारो ट्रेज़री से 11 करोड़ की अवैध निकासी से जुड़ा है. बोकारो जिला के एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में सबसे पहले अवैध वेतन निकासी का मामला सामने आया था. एजी की रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद वित्त विभाग ने जांच का आदेश दिया था. मामले की जांच के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और लेखा शाखा से मुख्य आरोपी कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जिसके बाद लेखा शाखा के ASI अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. बोकारो के बाद हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ से ट्रेजरी से अवैध निकासी का मामला सामने आया है. मामले में सीआईडी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है.
सीआइडी ने चार्जशीट में बताया है कि कौशल पांडेय डीडीओ को विश्वास में लेकर ओटीपी लेने के बाद धोखे से हस्ताक्षर करवा लेता था. पुलिसवालों के बेहतर कार्य के बदले मिलने वाली राशि को अपनी मां बृज कुमारी देवी के खाते में भेजता था. साल 2021 के बाद उसने एस. कुमार, सेवानिवृत्त राजेंद्र सिंह, राम नरेश सिंह, दशरथ सिंह, ए. मिंज, ललिता सिंह के जीपीएफ नंबर में फेरबदल कर अपनी मां के खाते में राशि स्थानांतरित की थी. कौशल कुमार पांडे, गृह रक्षक सतीश कुमार के खाते में रुपये भेजता था और 70 प्रतिशत राशि निकलवाकर ले लेता था. सीआइडी ने चार्जशीट में मुख्य आरोपित लेखापाल सिपाही कौशल कुमार पांडे और अन्य सहयोगियों के ठिकानों से अर्जित तेलीही, बोकारो में लगभग 4.08 और 4.98 डिसमिल जमीन पर बने आलीशान मकान और दस्तावेज को जब्त किया गया है. इसके अलावा आरोपितों के खातों से 1.18 करोड़ के एफडी को फ्रीज किया था. सिपाही काजल मंडल के घर से अवैध निकासी के 8.75 लाख रुपये नकदी की बरामदगी हुई थी.