झारखंड में लागू हुआ कलकत्ता हाईकोर्ट का चाइल्ड कस्टडी गाइडलाइन, सभी फैमिली कोर्ट्स को निर्देश

Dipali Kumari

झारखंड हाईकोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के चाइल्ड कस्टडी गाइडलाइन को राज्य में लागू करने का निर्देश दिया है.

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क: 
झारखंड हाईकोर्ट ने बच्चों की कस्टडी और अभिभावकत्व से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा तय बच्चों तक पहुंच और कस्टडी से जुड़े दिशा-निर्देश (Child Access and Custody Guidelines) को राज्य में लागू करने का निर्देश दिया है. यह आदेश सुओ मोटू कॉग्निजेंस के तहत पारित किया गया है.

2025 में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तैयार की थी गाइडलाइन

दरअसल, दिसंबर 2025 में कलकत्ता उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने पेरेंटिंग प्लान, अभिभावकत्व और डिजिटल माध्यम (जैसे WhatsApp के जरिए संपर्क) को शामिल करते हुए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की थी. इन गाइडलाइंस को बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय, दिल्ली उच्च न्यायालय और केरल उच्च न्यायालयने भी अपनाया और कहा कि जब तक उनके अपने नियम नहीं बनते, तब तक इन्हीं गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा.

झारखंड में इस तरह का कोई स्पष्ट नियम या गाइडलाइन पहले से मौजूद नहीं था. इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए वही गाइडलाइन राज्य में लागू करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित Child Access and Custody Guidelines को झारखंड के सभी फैमिली कोर्ट्स में अपनाया और सख्ती से पालन किया जाए.

माता-पिता के अलग होने के बाद बच्चे के साथ समय बिताने की व्यवस्था 

इन गाइडलाइंस में माता-पिता के अलग होने के बाद बच्चे के साथ समय बिताने की विस्तृत व्यवस्था तय की गई है. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि बच्चा कब और कितना समय पिता या माता के साथ रहेगा, साथ ही संवाद के लिए डिजिटल माध्यमों के उपयोग की भी व्यवस्था दी गई है. उद्देश्य यह है कि बच्चे के हितों की सर्वोच्च सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता विभोर मयंक ने कोर्ट की सहायता की. अदालत ने निर्देश दिया कि इस आदेश को रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से झारखंड के सभी फैमिली कोर्ट्स तक पहुंचाया जाए, ताकि गाइडलाइंस का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने इसे निस्तारित (Dispose) कर दिया.

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