कलकत्ता पब्लिक स्कूल में मॉडल प्रदर्शनी 'मंथन' का आयोजन, विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को दिखाई अपनी क्षमता

Pramod Kumar,News11 Bharat,

साहित्य, गणित और समाज शास्त्र के तहत् मेसोपोटामिया, सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर स्टेट ऑफ होर्मुज तक का प्रदर्शन

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क:     कलकत्ता पब्लिक स्कूल, ओरमांझी के परिसर में दिनांक 01.08.2026 को एक भव्य मॉडल प्रदर्शनी (मंथन) का आयोजन किया गया.     मंथन के आयोजन की परिकल्पना थी कि प्री-प्राइमरी, प्राइमरी, सेकेन्डरी एवं सीनियर सेकेन्डरी वर्ग के विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को उनकी क्षमता के अनुरूप भारत की सभ्यता एवं संस्कृति से जोड़ते हुए विज्ञान के विभिन्न विषय के अभिनव प्रयोगों को मोडल के रूप में दर्शा सकें. साथ ही अपनी परिकल्पना के अनुसार नवोन्मेष का उदाहरण प्रस्तुत कर सकें. वहीं साहित्य के विभिन्न पहलुओं सहित गणित तथा समाज शास्त्र के तहत् मेसोपोटामिया एवं सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर स्टेट ऑफ होर्मुज तक का प्रदर्शन किया जाए.

इसी परिकल्पना के तहत् प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्हें बच्चों को शिक्षकों द्वारा कला एवं हस्त शिल्प का प्रशिक्षण देकर उनसे विभिन्न प्रकार के गुलदस्ते, बर्तन की सज्जा, छठ का पारम्परिक सूप, सज्जा, सहित विभिन्न प्रकार के हस्तशिल्प आदि का निर्माण कराकर प्रदर्शित किया गया, जिनकी कुल संख्या 100 से अधिक थी, आकर्षण का केन्द्र रहा. नन्हे-मुन्हें बच्चों में सृजन शीलता उत्पन्न करने की उद्धेश्य से यह प्रयोग किया गया.

प्राइमरी, सेकेन्डरी एवं +2 छात्रों द्वारा लगभग 225 मॉडल की प्रस्तुति की गई.   प्राइमरी वर्ग एवं सेकेन्डरी के छात्रों ने अंग्रेजी व्याकरण के नाउन, प्रोनाउन, पार्टस ऑफ स्पीच एडभर्व, आदि को मूत्र्तरूप में दिखाकर व्यक्त किया. विभिन्न कवि एवं साहित्यकारों की रचनाओं को मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया.

गणित में अंक की उत्पति, लेखन शैली, गणित के सूत्र, बीजगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति  आदि के सूत्रों को भौतिक रूप से साकार करने की चेष्टा की, जो सामान्य जन के लिए बोधगम्य हो. 

हिन्दी एवं संस्कृत साहित्य के संवर्ग में व्याकरण के विभिन्न आयाम रामायण एवं महाभारत काल की वंशावली सहित कृतियों प्रदर्शित की गई. 

छात्रों ने सौरमंडल सूर्यग्रहण चन्द्रग्रहण आमावस्या पूर्णिमा, आकाशगंगा आदि का इलेक्ट्रॉनिक विधि से प्रदर्शन किया. 

सीनियर एवं सीनियर सेकेन्डरी के वरिष्ठ छात्रों ने विज्ञान के प्रदर्शनी में कारखानों से उत्सर्जित होने वाले So2, No2, Co2,    सहित धूलकण को नियंत्रित कर अम्लवर्षा रोकने की विधि का मॉडल प्रदर्शन किया. जल विधुत ऊर्जा उत्पादन, सीरिज व समानांतर संयोजन के विभिन्न प्रभाव रिमोट एवं आवाज के अनरूप चलने योग्य मोटरगाड़ी सेंसर युक्त डस्टबीन, सेंसरयुक्त हेलमेट, अणु की संरचना, ISRO द्वारा रॉकेट प्रक्षेपण, हृदय, किडनी, फेफड़ा, मस्तिष्क, उत्सर्जन तंत्र, श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र, सरकुलेटरी सिस्टम, सहित विभिन्न प्रकार के हार्मोन का निर्माण स्थल एवं उनके कार्य का प्रत्यक्ष रूप से मॉडल के माध्यम से प्रदर्शन किया. 

वाणिज्य संकाय के छात्रों ने वस्तु विनिमय से लेकर मुद्रा एवं व्यापार की नवीनतम रीति एवं माध्यम, शेयर बाजार जी॰एस॰टी॰ बैंक की कार्यप्रणाली, कैपिटलएसेटस, लाइबलिटी आदि की सुन्दर प्रस्तुति मॉडल के माध्य से किया. 

मानविकी संकाय के +2 के छात्रों ने समय चक्र से लेकर मेसोपोटामिया तथा सिंधु घाटी सभ्यता के विभिन्न आयाम विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र मुद्रा हथियार आदि का मॉडल बनाकर प्रस्तुत किया. मानविकी के क्षेत्र में कैरियर के विभिन्न महत्वपूर्ण अवसर का क्रमवार उल्लेख किया गया. 

सबसे महत्वपूर्ण माडल था कि हमारे समस्त खाद्य पदार्थों की उत्पति, किस देश से किस रूप में भारत वर्ष में ग्राहृय हुआ, सम्पूर्ण संदर्भ/ भारतवर्ष में हिन्दू धर्म के चारो धाम बद्रीनाथ, द्वारिका, जनकपुरी तथा रामेश्वर का मॉडल बनाकर दर्शाया गया.

सम्पूर्ण वार्षिक प्रदर्शनी का का आयोजन प्राचार्या, श्रीमती प्रियम्दा झा तथा निदेशक, श्री मिथिलेश कुमार मिश्र के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. विद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं छात्रों ने इसमें अपना भरपूर योगदान दिया.

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