सरायकेला एसपी निधि दिवेदी औए जमशेदपुर एसएसपी पीयूष पांडे पर मुख्यमंत्री की बड़ी कार्रवाई, तत्काल प्रभाव से पद से हटाया

Pramod Kumar,News11 Bharat,

मुख्यमंत्री ने चाईबासा के आयुक्त को क्षेत्र में लगातार कैंप करने और कानून-व्यवस्था की समीक्षा का निर्देश दिया

संतोष कुमार/न्यूज़11

सरायकेला/डेस्क:  सरायकेला एसपी निधि दिवेदी औए जमशेदपुर एसएसपी पीयूष पांडे पर मुख्यमंत्री की बड़ी कार्रवाई. बताया जा रहा है कि  जमशेदपुर डबल डाउन बार हत्याकांड और क्षेत्र में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के बीच झारखंड सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक पियूष पांडे तथा सरायकेला- खरसावां की पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी को विधि-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफलता एवं लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है.

मुख्यमंत्री ने चाईबासा के आयुक्त को क्षेत्र में लगातार कैंप करने और प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है. वहीं रांची के एडीजी को भी स्थिति की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा जमशेदपुर के डीआईजी को शहर में रहकर कानून-व्यवस्था की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही या जवाबदेही से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार में हुए करणी सेवा सरायकेला खरसावां युवा मोर्चा के अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या को लेकर दोनों जिलों के लोगों में घर आक्रोश व्याप्त है. वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है. उधर मृतक हिमांशु सिंह के शव का अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है. परिवार और समर्थक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और मुख्य आरोपी के एनकाउंटर की मांग पर अड़े हैं.

साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं. इससे पूर्व जमशेदपुर एसएसपी ने भारी दबाव को देखते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे सहित तीन पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया था. बावजूद इसके परिजन अपनी मांग पर अड़े हैं. अंततः मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के एसपी को हटाने का फरमान जारी कर दिया है. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या परिजन  मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराते हैं या वे अभी भी अपनी मांगो पर अड़े रहते हैं.

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