ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत
चंदनकियारी/डेस्क: दिल को झकझोर देने वाली इस घटना में शुरुआत में न तो किसी जनप्रतिनिधि और न ही किसी अधिकारी ने माता-पिता को खो चुके मासूम बच्चों की सुध ली. लेकिन मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने मामले को गंभीरता से लिया और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई.
मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद बोकारो उपायुक्त अजयनाथ झा एवं एसपी नाथू सिंह मीना बुधवार सुबह गोपीनाथपुर गांव पहुंचे. अधिकारियों ने बेसहारा हुए तीनों नाबालिग बच्चों को सरकार द्वारा संचालित पालन-पोषण, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया.
गौरतलब है कि बरमसिया ओपी क्षेत्र के दुबेकाटा मोड़ के समीप हुए सड़क हादसे में गोपीनाथपुर निवासी सपन कुमार माझी की मौके पर ही मौत हो गई थी. हादसे में उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, जिनकी इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई. माता-पिता की असमय मौत के बाद एक बच्ची समेत तीन छोटे बच्चे पूरी तरह बेसहारा हो गए.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई राहत प्रक्रिया
मीडिया में प्रकाशित खबर को मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाने के बाद उन्होंने बोकारो जिला प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. इसके बाद उपायुक्त अजयनाथ झा स्वयं मृतक दंपति के घर पहुंचे और बच्चों के पुनर्वास एवं सहायता से जुड़ी प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का आदेश दिया.
प्रशासन की ओर से बच्चों के लिए खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 50 किलो अनाज उपलब्ध कराया गया है. वहीं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये की सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है.
शिक्षा और भविष्य सुरक्षित करने की तैयारी
बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए उनका नामांकन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, आश्रम विद्यालय अथवा अन्य उपयुक्त विद्यालयों में कराने की तैयारी की जा रही है.
इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, सावित्री बाई फुले योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और आपदा राहत मद से सहायता उपलब्ध कराने की पहल भी शुरू हो चुकी है. बच्चों के बालिग होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी.
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए हर कदम संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उठाया जाए. मुख्यमंत्री की इस पहल और जिला प्रशासन की सक्रियता की स्थानीय लोगों ने सराहना की है.
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