अवैध खनन के खिलाफ सीआईएसएफ का संयुक्त शक्ति प्रदर्शन, ड्रोन और 136 जवानों के साथ की मॉक ड्रिल

Pramod Kumar,News11 Bharat,

कोयला चोरी की सूचना पर मिनटों में हरकत में आया सुरक्षा तंत्र, विभिन्न एजेंसियों ने दिखाया बेहतर तालमेल

मुमताज अहमद/न्यूज11  भारत 

खलारी/डेस्क:   कोयलांचल में अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के विरुद्ध सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को सीआईएसएफ यूनिट सीसीएल एनके एवं पिपरवार ने संयुक्त मॉक ड्रिल का आयोजन किया. एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के तहत आयोजित इस अभ्यास में सीआईएसएफ, झारखंड पुलिस, सीसीएल सुरक्षा, फायर विंग एवं चिकित्सा दल ने भाग लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया.

प्रातः 10 बजकर मिनट से 11 बजकर 40 मिनट तक चले मॉक ड्रिल का नेतृत्व कमांडेंट अमित कुमार ने किया. अभ्यास के दौरान विश्रामपुर क्षेत्र के नित नई गोल्डन इलाके में अवैध कोयला खनन की काल्पनिक सूचना मिलते ही सीआईएसएफ कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया. ड्रोन सर्विलांस से घटनास्थल की पुष्टि के बाद क्यूआरटी टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की.

अभ्यास को वास्तविक स्वरूप देने के लिए भीड़ के विरोध और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति भी बनाई गई. इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में प्रयुक्त उपकरणों की जब्ती, आरोपितों को हिरासत में लेने और एमएमडीआर अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया.

मॉक ड्रिल में सीआईएसएफ के 136 कार्मिकों के अलावा झारखंड पुलिस की आईआरबी तृतीय बटालियन, सीसीएल फायर विंग, सुरक्षा गार्ड और एम्बुलेंस टीम ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई. अधिकारियों ने कहा कि ऐसे संयुक्त अभ्यास विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं.

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