मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: खलारी/पिपरवार. पिपरवार क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ सीआईएसएफ का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है. शुक्रवार को सीआईएसएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध कोयले की एक और खेप पकड़ी गई. कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर चालक सीआईएसएफ को देखकर बोरियों से लदा कोयला रास्ते में फेंककर जंगल की ओर फरार हो गया. बाद में चलाए गए विशेष कोल रेड अभियान में 1.010 टन अवैध कोयला बरामद किया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिपरवार क्षेत्र स्थित लायंस क्लब चेक पोस्ट के समीप आसूचना शाखा के जवान नियमित निगरानी में तैनात थे. इसी दौरान एक ट्रैक्टर, जिसमें कल्टीवेटर लगा हुआ था और उस पर कई बोरियां लदी थीं, संदिग्ध अवस्था में गुजरता दिखाई दिया. जवानों ने जब वाहन को रोकने का संकेत दिया तो चालक ने ट्रैक्टर की रफ्तार बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया. पीछा किए जाने पर उसने कल्टीवेटर पर लदी बोरियों को रास्ते में गिरा दिया और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया.
सूचना मिलते ही सीआईएसएफ ने तत्काल इलाके में विशेष कोल रेड अभियान शुरू किया. लायंस क्लब चेक पोस्ट से लगभग 50 मीटर दूर चलाए गए अभियान के दौरान गिरी हुई बोरियों की तलाशी ली गई, जिसमें कुल 1.010 टन अवैध कोयला बरामद हुआ. जब्त कोयले को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया.
यह पूरी कार्रवाई 'सी' समवाय प्रभारी निरीक्षक संतोष बिन्हा की मौजूदगी तथा उप कमांडेंट दिनेश कुमार के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई. अभियान में आसूचना शाखा और सीआईएसएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से भाग लिया.
सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार ने कहा कि पिपरवार एवं एनके क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी है. उन्होंने कहा कि आसूचना आधारित ऑपरेशन, नियमित गश्त, ड्रोन निगरानी और आकस्मिक कोल रेड के माध्यम से कोयला माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने का काम किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी और अवैध कोयला तस्करी में शामिल तत्वों के खिलाफ अभियान आगे भी और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा.
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